Prayagraj News: टीजीटी-पीजीटी भर्ती में पुरानी नियमावली के अनुसार अवसर दिए जाने की मांग को लेकर शिक्षा निदेशालय में हुए हंगामे के मामले में पुलिस ने 200 अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। प्रदर्शनकारियों पर बैरिकेडिंग तोड़कर निदेशालय परिसर में जबरन घुसने, कार्यालयों में तोड़फोड़ करने, अधिकारियों से अभद्रता, कर्मचारियों से मारपीट और वाहनों को क्षतिग्रस्त करने के गंभीर आरोप लगे हैं।
शिक्षा निदेशालय के केयरटेकर मो. सैफी की लिखित तहरीर के आधार पर सिविल लाइंस थाने में यह मुकदमा दर्ज किया गया है। दूसरी तरफ, घटना के बाद शिक्षा निदेशालय के कार्यालयों में बुधवार को ताले लटके रहे और अधिकारी-कर्मचारी नदारद रहे, जबकि प्रतियोगी छात्रों का धरना लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा।
बैरिकेडिंग तोड़कर परिसर में घुसने और उपद्रव का आरोप
पुलिस को दी गई तहरीर में केयरटेकर ने बताया कि मंगलवार दोपहर डेढ़ से दो सौ उपद्रवी पूर्वी द्वार के सामने सड़क जाम कर प्रदर्शन कर रहे प्रतियोगी अभ्यर्थियों की भीड़ में शामिल हो गए। इसके बाद भीड़ पुलिस की बैरिकेडिंग को तोड़कर और फांदकर मुख्यालय परिसर के भीतर घुस गई। उपद्रवियों ने शासकीय कार्य में बाधा डालते हुए परिसर में जमकर तोड़फोड़ की।
मुख्यालय के विभिन्न अनुभागों में रखे फर्नीचर तोड़े गए और खड़े वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया। इस दौरान कर्मचारियों से मारपीट और अधिकारियों से अमर्यादित व्यवहार किया गया। सिविल लाइंस थाना इंस्पेक्टर रामाश्रय यादव ने बताया कि तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और सीसीटीवी फुटेज खंगालकर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है, जिसके आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
तीसरे दिन भी जारी रहा धरना, छात्रों ने वार्ता का प्रस्ताव नकारा
बुधवार को भी शिक्षा निदेशालय परिसर में धरने पर डटे प्रतियोगी छात्रों ने आरोप लगाया कि दिनभर कोई भी प्रशासनिक अधिकारी उनसे संवाद करने नहीं आया। शाम के समय वरिष्ठ पुलिस अधिकारी (आईपीएस) अजय पाल शर्मा मौके पर पहुंचे और छात्रों से धरना समाप्त करने या निर्धारित धरना स्थल (पत्थर गिरजाघर) पर जाकर प्रदर्शन करने को कहा, लेकिन छात्रों ने उनकी बात मानने से इनकार कर दिया।
इधर, अपर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) कामता राम पाल ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक को औपचारिक पत्र लिखकर पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया है। उन्होंने पत्र में स्पष्ट किया है कि छात्रों के अनवरत आंदोलन के कारण कार्यालय का सामान्य कामकाज संचालित करना संभव नहीं हो पा रहा है।