Shimla News: शिमला की विशेष अदालत ने धार्मिक स्थल की मर्यादा और एससी/एसटी एक्ट से जुड़े मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने दोषी सुमन चंद शर्मा को छह महीने के साधारण कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा दी है। जुर्माना न चुकाने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास होगा।
विशेष न्यायाधीश भुवनेश अवस्थी की अदालत ने कोटखाई निवासी आरोपी को दोषी करार दिया। पीड़िता अपने परिवार के साथ बगाहर गांव में एक धार्मिक कार्यक्रम में गई थी। जब वह मूर्ति के पास पहुंची, तो वहां मौजूद आरोपी ने महिला के जाने पर भारी आपत्ति जताई।
दोषी ने शिकायतकर्ता पर मंदिर की मर्यादा भंग करने का झूठा आरोप लगाया। उसने मंदिर की पवित्रता को शुद्ध करने के नाम पर बकरा चढ़ाने की मांग की। इसके साथ ही दोषी ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया, जिसके बाद कोटखाई थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
इस पूरे मामले की जांच एसडीपीओ ठियोग द्वारा की गई थी। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने अदालत में चार्जशीट दायर की। मुकदमे की सुनवाई पूरी होने के बाद विशेष न्यायाधीश की अदालत ने आरोपी को एससी/एसटी एक्ट के तहत दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।