Shimla News: हिमाचल प्रदेश में करीब 27 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद एक बार फिर लॉटरी का संचालन शुरू होने जा रहा है। दिवाली के अवसर पर लोग अपनी किस्मत आजमा सकेंगे। सरकार ने सभी प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। अगले एक-दो दिनों में इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
राज्य सरकार इस बार पारंपरिक स्टॉलों के साथ डिजिटल व्यवस्था भी शुरू करने जा रही है। लोग घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से या नजदीकी अधिकृत स्टॉल पर जाकर आसानी से टिकट खरीद सकेंगे। इस नई पहल से जनता को टिकट खरीदने में सुविधा मिलेगी और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता भी बनी रहेगी।
वित्तीय संकट का सामना कर रहे राज्य के लिए यह कदम राजस्व बढ़ाने में काफी मददगार साबित होगा। सरकार के अनुमान के मुताबिक, लॉटरी के संचालन से सरकारी खजाने में हर साल करीब 50 करोड़ रुपये का राजस्व जुड़ेगा। इस फंड का इस्तेमाल प्रदेश के विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं में किया जाएगा।
नई व्यवस्था के अंतर्गत नियमित ड्रॉ के अलावा दिवाली, नए साल और अन्य बड़े पर्वों पर विशेष बंपर ड्रॉ निकाले जाएंगे। त्योहारों के मौके पर निकलने वाले इन बंपर ड्रॉ से लोगों को बड़े और आकर्षक नकद पुरस्कार जीतने का बेहतरीन अवसर मिलेगा, जिसे लेकर लोगों में काफी उत्साह है।
वर्ष 1999 में आर्थिक नुकसान और धोखाधड़ी की शिकायतों के कारण लॉटरी पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया था। मध्यम व गरीब परिवारों के संरक्षण के लिए यह कदम उठाया गया था। अब पड़ोसी राज्यों की तर्ज पर राजस्व जुटाने के लिए सरकार इसे डिजिटल सुरक्षा मानकों के साथ फिर शुरू कर रही है।