Bhilai News: छत्तीसगढ़ के भिलाई में जूस की दुकान से 15 हजार रुपये मासिक कमाने वाले सौरव चंद्राकर को ओमान से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अनुसार, चंद्राकर और उसके नेटवर्क ने महादेव ऑनलाइन बुक सिंडिकेट के जरिए 94,400 करोड़ रुपये का अवैध कारोबार किया। यूएई में 200 करोड़ की शादी और वानुआतू की दोहरी नागरिकता लेने वाला यह मुख्य आरोपी अब कानूनी कार्रवाई का सामना करेगा।
रविवार, 1 नवंबर को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने सौरव चंद्राकर को ओमान से प्रत्यर्पित कराकर भारत लाने की आधिकारिक पुष्टि की। महादेव ऑनलाइन बुक ऐप सिंडिकेट का यह मुख्य प्रमोटर CBI के दो मामलों और ED की मनी लॉन्ड्रिंग जांच में लंबे समय से वांछित था। इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर रॉयल ओमान पुलिस ने उसे मस्कट से फर्जी यात्रा दस्तावेजों के जरिए प्रवेश की कोशिश करते समय हिरासत में लिया था, जहां कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद उसे भारतीय जांच एजेंसियों को सौंपा गया।
भिलाई में जूस की दुकान से दुबई के मुख्यालय तक का सफर
सौरव चंद्राकर का बचपन भिलाई में बीता, जहां उसके पिता नगर निगम में क्लर्क थे। उसका परिवार ‘ऑर्बिक फूड्स प्राइवेट लिमिटेड’ के जरिए ‘जूस फैक्ट्री’ नाम की दुकान चलाता था, जिसमें उसके बड़े भाई गीतेश की 51 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। चंद्राकर इसी दुकान पर 15,000 रुपये मासिक वेतन पर काम करता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात नियमित ग्राहक रवि उप्पल से हुई। दोनों ने मिलकर ऑनलाइन सट्टेबाजी का खाका तैयार किया और ‘महादेव ऑनलाइन बुक’ प्लेटफॉर्म लॉन्च किया। जांच दस्तावेजों के मुताबिक, चंद्राकर 16 फरवरी 2022 को भारत छोड़कर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) चला गया और वहीं से पूरे गिरोह का संचालन करने लगा।
70-30 के मुनाफे पर बंटी 3,200 फ्रेंचाइजी और हवाला का मकड़जाल
जांच एजेंसियों के अनुसार, सट्टेबाजी का यह नेटवर्क दुबई स्थित केंद्रीय मुख्यालय से संचालित होता था। सिंडिकेट ने भारत और यूएई में 3,200 से अधिक ‘पैनल’ की फ्रेंचाइजी बांटी थी, जिसमें कमाई का बंटवारा 70 और 30 के अनुपात में तय था। स्थानीय संचालक यूजर्स के अकाउंट खोलकर क्रिकेट, फुटबॉल, टेनिस और कार्ड गेम्स में सट्टा लगवाते थे। मुनाफे की यह राशि फर्जी बैंक खातों (म्यूल अकाउंट्स) और बहुस्तरीय हवाला नेटवर्क के जरिए विदेशों में बैठे मुख्य प्रमोटरों तक पहुंचाई जाती थी।
ED की सितंबर 2026 की चार्जशीट के मुताबिक, मूल ‘महादेव’ प्लेटफॉर्म से करीब 75,000 से 80,000 करोड़ रुपये का अवैध लेन-देन हुआ। इसके अलावा, इसकी सहयोगी वेबसाइट्स ‘स्काईएक्सचेंज’ से 11,000 से 12,000 करोड़ और ‘लोटस365’ से 2,400 करोड़ रुपये की कमाई की गई, जिससे कुल अवैध कारोबार का दायरा 94,400 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
200 करोड़ की शाही शादी से जांच एजेंसियों के रडार पर आया सिंडिकेट
चंद्राकर की अकूत संपत्ति की पोल तब खुली, जब उसने फरवरी 2023 में यूएई के रास अल खैमाह स्थित ‘वाल्डोर्फ एस्टोरिया’ होटल में हर्षिता से विवाह किया। 10 से 14 फरवरी 2023 के बीच आयोजित इस समारोह में लगभग 200 करोड़ रुपये नकद खर्च किए गए थे। मेहमानों के लिए नागपुर से तीन स्पेशल चार्टर्ड प्लेन बुक किए गए थे और कई मशहूर बॉलीवुड कलाकारों को मोटी रकम देकर बुलाया गया था।
इवेंट प्लानर्स, होटलों और एयरलाइंस को किए गए भारी नकद भुगतान की जांच ने मनी लॉन्ड्रिंग की परतें खोल दीं। जांच में सामने आया कि उसने 6 मई 2022 को प्रशांत महासागरीय देश वानुआतू का पासपोर्ट हासिल कर लिया था, जिसके बाद उसका भारतीय पासपोर्ट रद्द किया गया। ED अब तक देश-विदेश में चंद्राकर और उसके साथियों की करीब 3,500 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियां जब्त कर चुकी है। चंद्राकर की रिमांड से सिंडिकेट के वित्तीय लेन-देन और राजनीतिक व प्रशासनिक संरक्षण से जुड़े खुलासे होने की संभावना है।