Delhi News: दिल्ली पुलिस की एंटी करप्शन ब्रांच ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट आधुनिकीकरण में कथित भ्रष्टाचार को लेकर बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने आम आदमी पार्टी नेता सत्येंद्र जैन, पूर्व आईएएस अधिकारी उदित प्रकाश राय और तीन निजी कंपनियों के मालिकों सहित छह लोगों को आपराधिक साजिश के आरोप में गिरफ्तार किया है।
एंटी करप्शन ब्रांच के प्रमुख विक्रमजीत सिंह के मुताबिक यह कार्रवाई मई 2024 में दर्ज एफआईआर के आधार पर की गई है। इस केस में भ्रष्टाचार निवारण कानून और भारतीय दंड संहिता की धोखाधड़ी तथा आपराधिक साजिश से जुड़ी धाराएं लगाई गई हैं। जांच टीम कई महीनों से इस पूरे मामले के तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही थी।
टेंडर प्रक्रिया में बदलाव कर चहेती कंपनी को लाभ
जांच में सामने आया कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के टेंडर नियमों में जानबूझकर फेरबदल किया गया था। टेंडर की शर्तें इस तरह तय की गईं जिससे अन्य कंपनियां बाहर हो जाएं। इसका सीधा फायदा एक खास निजी टेक्नोलॉजी कंपनी यूरोटेक एनवायरनमेंट को मिला। पायलट स्टडी पूरी न होने और जरूरी मानक हटाने से सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचा।
इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की जांच से अधिकारियों, बिचौलियों और निजी फर्मों की मिलीभगत साबित हुई है। रिपोर्ट के अनुसार यूरोटेक से जुड़े फंड को बिचौलियों की फर्मों के जरिए ट्रांसफर किया गया। इस नेटवर्क के माध्यम से पूर्व आईएएस अधिकारी और उनके रिश्तेदारों के खातों में करीब 1.52 करोड़ रुपये की रिश्वत भेजी गई, जिससे अचल संपत्ति खरीदी गई।
दस्तावेजी और डिजिटल सबूत जुटाने के बाद एंटी करप्शन ब्रांच ने 18 अगस्त 2026 को सभी छह आरोपियों को अरेस्ट कर लिया। गिरफ्तार लोगों में पूर्व कंसल्टेंट अंकित श्रीवास्तव और फर्म मालिक नागेंद्र यादव, राजा कुमार व पंकज वर्मा भी शामिल हैं। जांच एजेंसी अब इस घोटाले में शामिल अन्य कड़ियों और कुल अवैध कमाई की पड़ताल कर रही है।