Mandi News: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला स्थित सरकाघाट में कॉलेज छात्रा सिया की निर्मम हत्या के मामले में अदालत ने आरोपी विकास पटियाल को दोषी करार दिया है। फास्ट ट्रैक कोर्ट में महज चार महीने चली सुनवाई के बाद यह फैसला आया है। अदालत 13 नवंबर को दोषी को सजा सुनाएगी।
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के अंतर्गत सरकाघाट में कॉलेज जा रही छात्रा सिया की निर्मम हत्या के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक) की अदालत ने शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने मामले की सुनवाई पूरी करते हुए आरोपी विकास पटियाल को हत्या का दोषी करार दिया है। इस जघन्य हत्याकांड में दोषी को सजा 13 नवंबर को सुनाई जाएगी। अदालत ने रिकॉर्ड चार महीने के भीतर मामले की सुनवाई पूरी की है। पुलिस जांच में जुटाए गए सीसीटीवी फुटेज, डीएनए और रक्त के नमूनों के मिलान जैसे पुख्ता वैज्ञानिक साक्ष्यों ने मामले को अदालत में बेहद मजबूती दी।
13 अप्रैल को हुई थी सनसनीखेज वारदात
यह वारदात 13 अप्रैल 2026 की सुबह घटी थी। करीब 9:44 बजे सरकाघाट पुलिस थाना के तत्कालीन एसएचओ इंस्पेक्टर रजनीश ठाकुर को फोन पर सूचना मिली कि बंजी गोपालपुर के पास एक छात्रा पर धारदार हथियार (दराट) से जानलेवा हमला किया गया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची। घटनास्थल पर सड़क किनारे छात्रा सिया का खून से लथपथ शव पड़ा मिला। उसकी गर्दन पर धारदार हथियार से गहरा वार किया गया था। पुलिस ने मृतका के चाचा राम लाल के बयान के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या का मामला दर्ज किया और तफ्तीश शुरू की।
सीसीटीवी फुटेज और ग्रामीणों की मदद से पकड़ा गया था आरोपी
वारदात के बाद पुलिस ने घटनास्थल के समीप स्थित अजमेर सिंह के मकान पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में एक संदिग्ध युवक नीले रंग की जींस पैंट, हुड और गले में गमछा डाले हुए गोपालपुर चौक से घटनास्थल की तरफ जाता दिखाई दिया। स्थानीय ग्रामीणों ने फुटेज के आधार पर संदिग्ध की पहचान विकास पटियाल के रूप में की। इसके बाद पुलिस ने ग्रामीणों के सहयोग से इलाके में तलाशी अभियान चलाया और आरोपी को नगला स्थित शिव मंदिर के पास खेतों से दबोच लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से वारदात में इस्तेमाल खून से सना लोहे का दराट भी बरामद हुआ।
फॉरेंसिक और डीएनए रिपोर्ट ने साबित किया अपराध
घटना के तुरंत बाद आरएफएसएल (RFSL) मंडी की फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए। टीम ने मौके से खून से सना धागा, मृतका का कान का झुमका, उसके हाथ में उलझे बाल और खून से सने पत्तों सहित कई महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए। इसके बाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नेरचौक में शव का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें अत्यधिक रक्तस्राव और गर्दन पर गंभीर चोट को मौत का मुख्य कारण बताया गया।
पुलिस ने बरामद दराट, आरोपी के कपड़ों और डीएनए नमूनों को राज्य फॉरेंसिक प्रयोगशाला भेजा था। वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट में आरोपी के खिलाफ अकाट्य साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने अदालत में चालान पेश किया। इन तमाम ठोस सबूतों और गवाहों के आधार पर अदालत ने विकास पटियाल को हत्या का दोषी ठहराया।