Bengaluru News: कर्नाटक के बिदादी में औषधि प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक गैर-कानूनी दवा फैक्ट्री से पांच करोड़ रुपये से अधिक की नकली दवाएं पकड़ी हैं। बिना किसी वैध लाइसेंस के चल रही इस यूनिट में घटिया दवाओं की रीपैकेजिंग कर नामी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लेबल लगाकर बाजार में बेचा जा रहा था।
अधिकारियों के मुताबिक गिरोह देश के विभिन्न हिस्सों से नकली दवाएं मंगाकर बड़ी फार्मा कंपनियों के नाम से सप्लाई करता था। स्वास्थ्य मंत्री यूटी खादर ने इसे संगठित ड्रग माफिया करार देते हुए बताया कि ये दवाएं अस्पतालों को बाजार भाव से लगभग आधी कीमत पर बेची जा रही थीं। पुलिस ने मुख्य आरोपी को हिरासत में ले लिया है।
अस्पतालों के आईसीयू तक पहुंचाई जा रही थीं नकली दवाएं
स्वास्थ्य मंत्री ने गहरी चिंता जताते हुए कहा कि पकड़ी गई दवाओं में से कुछ का इस्तेमाल अस्पतालों के आईसीयू वार्ड में होना था। रामनगर के पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में पुलिस टीम पूरी सप्लाई चेन और खरीददारों की जांच कर रही है। सरकार को संदेह है कि इस गिरोह के तार कर्नाटक के बाहर अन्य राज्यों से भी जुड़े हैं।
राज्य सरकार खाद्य एवं औषधि सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर लगातार अभियान चला रही है। प्रशासन ने सड़क किनारे की दुकानों से लेकर बड़े होटलों, अंतरराष्ट्रीय फूड चेन, सरकारी कैंटीनों और क्विक कॉमर्स वेयरहाउस तक निगरानी बढ़ा दी है। इस मामले में सूचना देने वाले व्यक्ति को सरकार द्वारा इनाम देने की घोषणा भी की गई है।
नागरिकों की सुरक्षा के लिए सरकार मेडिकल स्टोरों और रेस्तरां में क्यूआर कोड लगाने की तैयारी कर रही है। इससे आम ग्राहक सीधे तौर पर घटिया उत्पादों की शिकायत दर्ज करा सकेंगे। असली और नकली पैकेजिंग में अंतर करना मुश्किल होने के कारण यह तकनीकी कदम लोगों को सुरक्षित रखने में मददगार साबित होगा।