Kanpur News: कानपुर के फीलखाना थाना क्षेत्र स्थित एक होटल में युवक को बांधकर पीटने का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की है। पीड़ित युवक की शिकायत पर दो युवतियों और एक अन्य युवक समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
कानपुर के फीलखाना थाना क्षेत्र में माल रोड चौराहे के निकट स्थित एक होटल का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद हड़कंप मच गया। वीडियो में एक युवक के हाथ-पैर बंधे दिखाई दे रहे हैं और उसके साथ कथित तौर पर मारपीट की जा रही है। घटना की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने युवक को बंधनमुक्त कराकर बाहर निकाला।
पीड़ित युवक की पहचान राहुल गुप्ता के रूप में हुई है। युवक की शिकायत के आधार पर पुलिस ने दो युवतियों, रोशन नाम के एक युवक और कुछ अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ कानूनी धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा घटनाक्रम और विवाद का कारण?
पुलिस की प्रारंभिक जांच और स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, युवक पहले उसी होटल में काम करता था। थाना प्रभारी के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक, नौकरी से हटाए जाने को लेकर वह नाराज था और घटना के दिन कथित तौर पर होटल पहुंचा था। इसके बाद वहां ठहरीं दो युवतियों के साथ उसका विवाद हो गया।
हालांकि, घटना की वास्तविक वजह को लेकर दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे हैं। युवतियों की तरफ से युवक पर मोबाइल चोरी और होटल में अनधिकृत रूप से प्रवेश कर छेड़खानी करने के आरोप लगाए गए हैं। वहीं, युवक की ओर से उसे बंधक बनाकर अमानवीय तरीके से पीटने की शिकायत दी गई है।
स्थानीय दुकानदारों की सूचना पर पहुंची पुलिस
होटल के भीतर से जब युवक के चीखने-चिल्लाने और हंगामे की आवाजें बाहर आईं, तो आसपास के दुकानदारों ने तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और कमरे में फर्श पर बंधे युवक को मुक्त कराया।
एक रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस जब युवक को ले जाने लगी तो उसने अपना मोबाइल युवतियों के पास होने की बात कही, जिसके बाद पुलिस ने फोन वापस दिलवाया। युवक की पीठ पर चोट के निशान होने की बात भी सामने आई है, जिसकी चिकित्सीय जांच कराई जा रही है।
सीसीटीवी फुटेज और साक्ष्यों की हो रही पड़ताल
वायरल वीडियो की सत्यता, समय और पृष्ठभूमि का पता लगाने के लिए पुलिस होटल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। पुलिस यह जांच कर रही है कि युवक किस उद्देश्य से होटल पहुंचा था, विवाद की शुरुआत कैसे हुई और कानून हाथ में लेकर उसके साथ मारपीट करने में कौन-कौन शामिल थे।
कानूनी जानकारों का कहना है कि किसी व्यक्ति पर अपराध का संदेह होने की स्थिति में पुलिस को सूचना देना वैधानिक प्रक्रिया है; किसी को बंधक बनाकर हिंसा करना गैरकानूनी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, सीसीटीवी फुटेज और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।