पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत पर संपत्ति कब्जाने का आरोप, रिटायर्ड कर्मी से सरकारी जमीन के नाम पर धोखाधड़ी

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Dehradun News: देहरादून में जमीन और भवन की खरीद-फरोख्त से जुड़े दो बड़े मामले सामने आए हैं। पहले प्रकरण में पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत और सोनिया आनंद पर चेक बाउंस और भवन कब्जाने के आरोप में एसएसपी से शिकायत की गई है। वहीं दूसरे मामले में लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी के सेवानिवृत्त कर्मी को सरकारी भूमि बेचकर करोड़ों रुपये हड़पने पर पांच लोगों के खिलाफ पटेलनगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है।

देहरादून में संपत्ति विवाद और धोखाधड़ी के मामलों को लेकर पुलिस महकमा सतर्क हो गया है। कंडोली निवासी एक व्यक्ति ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत और सोनिया आनंद के खिलाफ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रमेंद्र सिंह डोबाल को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की गुहार लगाई है। एसएसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अधीनस्थ अधिकारियों को प्राथमिक जांच के निर्देश दिए हैं।

चेक बाउंस और भवन कब्जाने का आरोप

पीड़ित हरिओम सहगल के अनुसार उन्होंने 21 जून 2021 को कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत और सोनिया आनंद को अपना एक भवन बेचा था। भुगतान के एवज में 35-35 लाख रुपये के दो चेक दिए गए, जिन्हें बाद में वापस ले लिया गया। इसके बाद 35 लाख रुपये का एक अन्य चेक जारी किया गया।

सहगल का आरोप है कि जब उन्होंने 20 अगस्त 2021 को यह चेक बैंक में लगाया, तो वह बाउंस हो गया। अधिवक्ता के जरिए कानूनी नोटिस भेजा गया, लेकिन गलत पते के कारण वह वापस लौट आया। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2024 में सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, जहां से मामला देहरादून न्यायालय के लिए स्थानांतरित किया गया। एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि प्राप्त तहरीर के आधार पर तथ्यों की जांच की जा रही है।

रिटायर्ड अकादमी कर्मी से सरकारी जमीन के नाम पर ठगी

दूसरे मामले में मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) से सेवानिवृत्त ओमप्रकाश के साथ करोड़ों रुपये की ठगी का खुलासा हुआ है। देवलोक कालोनी निवासी ओमप्रकाश ने 18 दिसंबर 2025 को पित्थूवाला क्षेत्र में अभय कुमार जैन से एक भूमि खरीदी थी।

जमीन की रजिस्ट्री के बाद जब पीड़ित दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) कराने पहुंचे, तो राजस्व रिकॉर्ड से पता चला कि बेची गई भूमि पहले ही राज्य सरकार में निहित हो चुकी है। ठगी का अहसास होने पर जब उन्होंने रकम वापस मांगी, तो आरोपितों ने 16 मार्च 2026 को शपथपत्र देकर दो महीने में पूरी राशि लौटाने का वादा किया, लेकिन समय बीतने के बाद भी भुगतान नहीं किया गया।

पटेलनगर कोतवाली पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर आरोपित अभय कुमार जैन, राजीव जैन, प्रतीक जैन (निवासी रोचीपुरा निरंजनपुर), आसिफ (निवासी माजरा) और फुरकान (निवासी बड़ा भारुवाला) के खिलाफ धोखाधड़ी सहित सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक जांच शुरू कर दी है।

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