Dehradun News: मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने स्वीकृत मानचित्रों के नियमों की अनदेखी कर अवैध और मनमाने तरीके से निर्माण करने वालों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने धोरण रोड और सहस्रधारा रोड पर कार्रवाई करते हुए फ्लैट्स निर्माण के लिए जोड़े जा रहे भवनों और बिना नक्शा पास बनी सात दुकानों को सील कर दिया।
शहर में अवैध और अनियंत्रित निर्माणों पर रोक लगाने के लिए मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) का अभियान जारी है। प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने शनिवार को धोरण रोड स्थित आईटी पार्क क्षेत्र और सहस्रधारा रोड पर तीन अलग-अलग स्थानों पर औचक कार्रवाई की। इस दौरान स्वीकृत मानचित्रों से बड़े पैमाने पर विचलन पाए जाने और बिना स्वीकृति निर्माण करने पर संबंधित संपत्तियों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।
छह नक्शों को जोड़कर बनाए जा रहे थे फ्लैट्स
एमडीडीए की टीम ने पहली कार्रवाई धोरण रोड स्थित ‘दून डिवाइन’ परिसर में मैसर्स युग रियल एलएलपी (देवेश वरयानी) के निर्माण स्थल पर की। प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार यहां छह अलग-अलग स्वीकृत मानचित्रों के तहत प्रस्तावित निर्माणों को आपस में जोड़कर एकल भवन के रूप में ढांचा तैयार किया जा रहा था।
फ्लैट बनाने के उद्देश्य से मूल स्वीकृत मानचित्रों के विपरीत जाकर किए जा रहे इस अनधिकृत निर्माण पर प्राधिकरण ने पहले वाद योजित किया और तय प्रक्रिया पूरी करने के बाद पूरे निर्माण स्थल को सील कर दिया।
सहस्रधारा रोड पर बिना अनुमति बन रहीं दुकानें सील
एमडीडीए की दूसरी और तीसरी कार्रवाई सहस्रधारा रोड क्षेत्र में हुई। मंदाकिनी विहार में शुभ्रा राय द्वारा बिना किसी मानचित्र स्वीकृति के तीन दुकानों का निर्माण कराया जा रहा था। अधिकारियों के मुताबिक संबंधित पक्ष को दस्तावेज प्रस्तुत करने और अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर दिया गया था, लेकिन संतोषजनक उत्तर और वैध कागजात नहीं मिलने पर सीलिंग की कार्रवाई की गई।
इसी मार्ग पर नॉर्थ साइड सिटी पार्क के समीप साहनी द्वारा बिना मानचित्र स्वीकृति के चार दुकानों का निर्माण कराया जा रहा था। प्रवर्तन टीम ने मौके पर पहुंचकर इन चारों दुकानों को भी सील कर दिया।
शहर के सुनियोजित विकास से समझौता नहीं: उपाध्यक्ष
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने स्पष्ट किया है कि देहरादून के सुनियोजित विकास से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भवन निर्माणकर्ताओं को हर हाल में स्वीकृत मानचित्र और तय मानकों के अनुरूप ही निर्माण कार्य करना होगा। अनधिकृत और अवैध निर्माणों पर प्राधिकरण की लगातार निगरानी बनी हुई है और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सीलिंग व ध्वस्तीकरण जैसी सख्त वैधानिक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।