Shimla News: शिमला की अदालत ने सरस्वती पैराडाइज स्कूल की संचालिका मनीषा मित्तल मर्डर केस में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मामले के मुख्य आरोपी और मृतका के भाई हिमांक मित्तल की बेल पेटीशन खारिज कर दी है। इस फैसले के बाद आरोपी को तगड़ा झटका लगा है और उसे फिलहाल जेल में ही रहना पड़ेगा।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश-2 यजुवेंद्र सिंह की कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि आरोपी पर गंभीर आरोप लगे हैं। हत्या जैसे जघन्य अपराध में बेल देने से न्याय प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। अदालत ने माना कि आरोपी के पैर में फ्रैक्चर जरूर है, लेकिन मेडिकल बोर्ड के मुताबिक जेल में उसका इलाज संभव है।
जज ने स्पष्ट किया कि आदेश की टिप्पणियां केवल जमानत याचिका के निपटारे तक ही सीमित हैं। इससे मूल केस के ट्रायल पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उल्लेखनीय है कि 13 जून को सरस्वती पैराडाइज स्कूल के पास मनीषा मित्तल की ताबड़तोड़ गोलियां मारकर निर्मम हत्या कर दी गई थी, जिससे हड़कंप मच गया था।
पुलिस ने मामले की जांच के बाद मनीषा के छोटे भाई हिमांक मित्तल को गिरफ्तार किया था। इसके अलावा उसके दोस्त गोविंद, दुजाना गांव निवासी आशीष अहलावत और सुनारिया खुर्द निवासी दीपक को भी पकड़ा गया था। पुलिस इन्वेस्टिगेशन में खुलासा हुआ था कि प्रॉपर्टी विवाद के चलते हिमांक ने बहन की हत्या कराई थी।
हालांकि आरोपी हिमांक मित्तल इन आरोपों को खारिज करता रहा है। दूसरी ओर, मर्डर से पहले मनीषा मित्तल ने सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर जान का खतरा जताया था। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके भी कहा था कि प्रॉपर्टी विवाद के कारण उनका भाई उनकी लोकेशन ट्रेस करवा रहा है और मर्डर करा सकता है।