Shimla News: हिमाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने टीटीआर पुलिस में तैनात एएसआई पुनीत को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है। एएसआई पर अपने ही साथी कांस्टेबल को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का उल्लंघन करने का आरोप लगा है।
राज्य के डीजीपी अशोक तिवारी ने हिमाचल प्रदेश पुलिस अधिनियम 2007 की धारा 89 के तहत यह कार्रवाई की है। पीड़िता कांस्टेबल पंकज की लिखित शिकायत के बाद पुलिस विभाग ने यह कड़ा फैसला लिया है। निलंबन अवधि के दौरान एएसआई का मुख्यालय चौथी आईआरबीएन जंगलेबेरी तय किया गया है।
गर्भवती पत्नी और प्रताड़ना का गंभीर आरोप
कांस्टेबल चालक पंकज ने शिकायत में बताया कि उनकी पत्नी नौ महीने की गर्भवती है और उनका इलाज शिमला के कमला नेहरू अस्पताल में चल रहा है। इस नाजुक स्थिति के बारे में जानकारी देने के बावजूद एएसआई पुनीत ने उन्हें लगातार परेशान किया और उनका तबादला शिमला से कांगड़ा करवा दिया।
पीड़ित कर्मचारी ने यह भी आरोप लगाया कि डीजीपी से क्लास-1 प्रशस्ति पत्र मिलने पर उन्हें अधिकारी का मुखबिर कहा गया। इसके अलावा, निलंबित अधिकारी की निजी गाड़ी धोने के लिए दबाव बनाया गया। जब उन्होंने गाड़ी धोने से मना किया, तो उत्पीड़न और ज्यादा बढ़ गया।
विभागीय जांच के निर्देश और नियमों का उल्लंघन
डीजीपी ने जंगलेबेरी के कमांडेंट को आरोपी एएसआई के खिलाफ नियमित विभागीय जांच शुरू करने के निर्देश दिए हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एएसआई पुनीत का तबादला 24 जून 2026 को हमीरपुर किया गया था, लेकिन उन्होंने नई जगह पर अपनी ड्यूटी जॉइन नहीं की थी।
ड्यूटी पर सही समय पर रिपोर्ट न करना राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों और पुलिस अधिनियम के प्रावधानों का सीधा उल्लंघन माना गया है। इस लापरवाही और उत्पीड़न के मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस प्रशासन ने निष्पक्ष जांच पूरी करने के आदेश जारी कर दिए हैं।