Panchkula News: पंचकूला के मोरनी हिल्स क्षेत्र में अवैध रूप से चल रहे गेस्ट हाउसों के खिलाफ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने पूरे इलाके में नए गेस्ट हाउस के निर्माण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। इसके साथ ही प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि अवैध गतिविधियों में लिप्त पाए जाने वाले किसी भी गेस्ट हाउस के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
पंचकूला के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मोरनी हिल्स क्षेत्र में अनाधिकृत गेस्ट हाउसों के निर्माण और संचालन को लेकर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने कड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि पर्यावरण और सामाजिक माहौल की सुरक्षा को देखते हुए अब मोरनी क्षेत्र में किसी भी नए गेस्ट हाउस के निर्माण की अनुमति नहीं दी जा सकती।
स्थानीय निवासी याद राम और अन्य नागरिकों द्वारा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर इन अवैध प्रतिष्ठानों को बंद कराने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ताओं ने अदालत के समक्ष दलील दी थी कि बिना किसी वैध अनुमति और नियमों के संचालित हो रहे इन गेस्ट हाउसों के चलते क्षेत्र का सामाजिक वातावरण बुरी तरह प्रभावित हो रहा है, जिससे स्थानीय महिलाओं और बच्चियों का घर से निकलना तक दूभर हो गया है। याचिका में इन अनियंत्रित व्यावसायिक गतिविधियों पर तुरंत रोक लगाने और जिम्मेदार अधिकारियों को जवाबदेह बनाने की गुहार लगाई गई थी।
24 में से 22 अवैध गेस्ट हाउसों को किया गया सील
मुख्य न्यायाधीश अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति रोहित कपूर की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत को सूचित किया गया कि मोरनी क्षेत्र में नियमों की अनदेखी कर चलाए जा रहे गेस्ट हाउसों को प्रशासन की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे।
प्रशासनिक स्तर पर की गई त्वरित कार्रवाई के तहत चिन्हित किए गए कुल 24 अवैध गेस्ट हाउसों में से 22 को पहले ही सील कर दिया गया है।
हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार से मांगी स्टेटस रिपोर्ट
खंडपीठ ने मामले को अत्यंत संवेदनशील मानते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि यदि क्षेत्र में कोई अन्य गेस्ट हाउस भी बिना आवश्यक वैधानिक स्वीकृतियों या गैरकानूनी रूप से संचालित पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार तत्काल सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए।
इसके साथ ही उच्च न्यायालय ने हरियाणा सरकार और स्थानीय प्रशासन को क्षेत्र की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट (स्थिति रिपोर्ट) दाखिल करने के आदेश दिए हैं।