चियोग स्कूल मामले में राज्य अनुसूचित जाति आयोग सख्त, जातिगत भेदभाव साबित होने पर दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई

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Shimla News: चियोग स्कूल में दलित छात्रा के हाथों बना खाना न खाने का विवाद गहरा गया है। हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने कहा कि आरोप सही पाए जाने पर दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।

भेदभाव और छुआछूत पर आयोग का कड़ा रुख

मंगलवार को शिमला के बचत भवन में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए आयोग अध्यक्ष कुलदीप कुमार धीमान ने कहा कि छुआछूत समाज के लिए अभिशाप है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भेदभाव और अन्याय की सूचना पर आयोग तुरंत एक्शन लेता है और कानूनों का कड़ाई से पालन कराया जाता है।

कुलदीप धीमान ने रोहड़ू में 12 साल के बच्चे की आत्महत्या और सैंज में अनुसूचित जाति की महिला के दुष्कर्म व हत्या कांड का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि आयोग के हस्तक्षेप के बाद ही दोनों मामलों में ढिलाई बरतने वाले अफसरों पर कार्रवाई हुई। अनुसूचित वर्ग के अधिकारों के लिए सबको मिलकर काम करना होगा।

आयोग ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि जिले के सभी अंबेडकर भवनों की वर्तमान स्थिति पर रिपोर्ट सौंपी जाए। बैठक में आयोग सदस्य दिग्विजय मल्होत्रा, डॉ. विजय डोगरा, शालिनी जम्वाल, एडीएम ज्ञान सागर नेगी, डीएसपी गुलशन नेगी, पूर्व मेयर सोहन लाल, जिला परिषद सदस्य अनुराधा सहित कई सामाजिक प्रतिनिधि मौजूद रहे।

अधिकारों और संरक्षण पर ‘भीम पत्र’ का विमोचन

समीक्षा बैठक के दौरान आयोग ने ‘भीम पत्र’ नाम की पुस्तिका का विमोचन भी किया। इस पुस्तिका में अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग को संविधान से मिले अधिकारों, आरक्षण और संवैधानिक सुरक्षा की जानकारी दी गई है। आयोग ने बताया कि जल्द ही सरकारी योजनाओं पर एक और पुस्तिका प्रकाशित की जाएगी।

Right News Desk
Right News Desk
लॉ और पत्रकारिता स्नातक, पत्रकारिता में 11 वर्ष का अनुभव

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