सिक्किम का सोरेंग बना देश का पहला जैविक मत्स्य पालन क्लस्टर, केंद्रीय मंत्री ने की 3.75 करोड़ की परियोजनाओं की शुरुआत

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National News: सिक्किम के पश्चिमी जिले सोरेंग को प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत देश का पहला अधिसूचित जैविक मत्स्य पालन क्लस्टर घोषित किया गया है। केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए जैविक प्रमाणीकरण एसओपी जारी करने के साथ 3.75 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन किया।

सिक्किम के पश्चिमी जिले सोरेंग ने मत्स्य पालन के क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के तहत सोरेंग को देश का पहला अधिसूचित जैविक मत्स्य पालन क्लस्टर घोषित किया गया है। यह पहल पर्यावरण-अनुकूल और प्राकृतिक तरीकों से मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

केंद्रीय मंत्री ने की घोषणा और जारी की एसओपी

केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह ने सोमवार को इस संबंध में औपचारिक घोषणा की। इस अवसर पर उन्होंने पूर्वोत्तर क्षेत्र में जैविक मत्स्य पालन के प्रमाणीकरण के लिए तैयार की गई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) भी जारी की। इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री ने सिक्किम में मत्स्य पालन के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 3.75 करोड़ रुपये की विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं का लोकार्पण किया।

देश में कुल 34 क्लस्टर अधिसूचित

मत्स्य उत्पादन, प्रसंस्करण और निर्यात क्षमता को गति देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने देशभर में कुल 34 विशेष क्लस्टर अधिसूचित किए हैं। इन्हीं में से सोरेंग को जैविक मत्स्य पालन के लिए विशिष्ट रूप से चुना गया है, जिससे स्थानीय किसानों और मत्स्य पालकों को आधुनिक व सुरक्षित उत्पादन विधियों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

रसायनों और एंटीबायोटिक के बिना होगा उत्पादन

सोरेंग क्लस्टर में मुख्य रूप से अमूर कार्प, भारतीय प्रमुख कार्प और ट्राउट मछलियों के उत्पादन पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इस परियोजना का प्रमुख उद्देश्य किसी भी प्रकार के रसायन, एंटीबायोटिक या कीटनाशकों के उपयोग के बिना पूरी तरह प्राकृतिक और जैविक तरीके से मछली पालन को बढ़ावा देना है, जिससे उपभोक्ताओं को उच्च गुणवत्ता वाला सुरक्षित उत्पाद मिल सके।

Desh Raj
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