Mumbai News: मुकेश अंबानी की बेटी ईशा अंबानी की अगुवाई वाली कंपनी रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड ने बड़ा फैसला किया है। कंपनी अगले तीन सालों में अपने ऑनलाइन कारोबार को बहुत तेजी से आगे बढ़ाएगी। इसके लिए जियोमार्ट को मजबूत करने और डार्क स्टोर्स की संख्या बढ़ाने पर पूरा ध्यान दिया जाएगा।
ऑनलाइन बिज़नेस को बढ़ाने के लिए कंपनी करेगी बड़ा निवेश
कंपनी के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर दिनेश तलुजा ने तिमाही नतीजों के बाद नया रोडमैप पेश किया। उन्होंने बताया कि कंपनी जियोमार्ट के इंफ्रास्ट्रक्चर और सभी प्लेटफॉर्म की पहुंच को बेहतर बनाने के लिए निवेश करेगी। हालांकि, टेक्नोलॉजी और नए डार्क स्टोर्स पर खर्च बढ़ने की वजह से मार्जिन पर थोड़ा दबाव दिख रहा है।
दिनेश तलुजा के अनुसार, कंपनी इस साल अपने ऑनलाइन व्यापार को रफ्तार देने के लिए पूरी तरह तैयार है। इसके तहत डार्क स्टोर्स का नेटवर्क बढ़ाया जाएगा। ग्राहकों की सुविधा के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म को सुधारा जाएगा। इसके साथ ही जियोमार्ट की बाजार में हिस्सेदारी और ग्रोथ को भी काफी तेज किया जाएगा।
मुनाफे और यूनिट इकोनॉमिक्स पर कंपनी का विशेष ध्यान
कंपनी हर बाजार में सकारात्मक ‘यूनिट इकोनॉमिक्स’ यानी हर प्रोडक्ट पर होने वाले मुनाफे को ध्यान में रखकर काम कर रही है। इससे यह समझने में आसानी होती है कि एक आइटम बेचने पर कितना फायदा या नुकसान हुआ। हर क्षेत्र के सटीक मूल्यांकन के बाद ही निवेश की नई रणनीति बनेगी।
रिलायंस रिटेल का लक्ष्य सामानों की उपलब्धता और डिलीवरी की स्पीड को और बेहतर बनाना है। इसके साथ ही कंपनी अपनी सर्विस की विश्वसनीयता में भी सुधार करेगी। कंपनी का मुख्य फोकस ग्राहकों को बिना किसी रुकावट के बेहतरीन ऑनलाइन और ऑफलाइन शॉपिंग का अनुभव देने पर बना हुआ है।
अगले तीन वर्षों में कमाई को दोगुना करने का लक्ष्य
कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2027-28 और 2028-29 तक अपने इस मौजूदा विस्तार को बेहतरीन वैल्यू में बदलने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए बार-बार होने वाली खरीदारी और औसत ट्रांजैक्शन वैल्यू को बढ़ाया जाएगा। रिलायंस रिटेल अगले तीन सालों में अपनी ऑपरेटिंग प्री-टैक्स कमाई को दोगुना करने की योजना पर है।
इस साल किए जा रहे निवेश से अगले दो वर्षों में बेहतर मार्जिन और मजबूत कैश फ्लो का फायदा मिलेगा। इसके लिए कंपनी अपने खुद के प्राइवेट ब्रांड्स की हिस्सेदारी बढ़ाएगी। साथ ही मार्केटप्लेस से ज्यादा रेवेन्यू हासिल करने और कामकाज की क्षमता को सुधारकर अपने शुद्ध मुनाफे को लगातार बढ़ाएगी।
डिजिटल और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से बढ़ रही है बिक्री
दिनेश तलुजा ने साफ किया कि कंपनी का ध्यान सिर्फ ऑर्डर्स की संख्या बढ़ाने पर नहीं है। वे अपने पूरे बिजनेस की क्वालिटी सुधारना चाहते हैं। कंपनी की हाइब्रिड रणनीति के बेहद शानदार नतीजे मिल रहे हैं। इससे दोनों माध्यमों का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है।
जो ग्राहक ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से शॉपिंग करते हैं, वे केवल ऑफलाइन ग्राहकों से 2.7 गुना ज्यादा खर्च करते हैं। इन खास ग्राहकों के सालाना खर्च में भी 20 से 25 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई है। इससे आने वाले समय में रिटेल सेक्टर में बड़ा बदलाव आएगा।