Mumbai News: देश की सबसे वैल्यूएबल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के एफएमसीजी कारोबार के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। कंपनी का कंज्यूमर ब्रांड बिजनेस पहली बार एबिटा (EBITDA) के स्तर पर पॉजिटिव हो गया है। मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली कंपनी के लिए यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण पड़ाव है।
मार्केट शेयर बढ़ाने और ब्रेक-ईवन हासिल करने पर जोर
रिलायंस का एफएमसीजी बिजनेस ‘रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड’ (RCPL) के नाम से संचालित होता है। कंपनी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर केतन मोदी ने बताया कि उनका मुख्य फोकस मार्केट शेयर बढ़ाने पर है। इसके साथ ही बिजनेस ने एबिटा के स्तर पर ब्रेक-ईवन यानी बराबर की स्थिति हासिल कर ली है।
मैनेजमेंट को उम्मीद है कि सप्लाई-चेन का काम पूरा होने और बिक्री बढ़ने से मुनाफा और ज्यादा मजबूत होगा। एबिटा (EBITDA) के जरिए कंपनी की परिचालन आय से होने वाले असल लाभ को नापा जाता है। इसमें उधार, टैक्स और कर्ज की लागत को शामिल किया जाता है।
सप्लाई चेन मजबूत होने से मुनाफे में सुधार की उम्मीद
शुक्रवार को पहली तिमाही के नतीजे आने के बाद केतन मोदी ने एनालिस्ट्स के सवालों के जवाब दिए। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे कंपनी अपने बिजनेस का दायरा बढ़ाएगी और पूरी सप्लाई चेन तैयार होगी, वैसे-वैसे एबिटा में और तेजी से सुधार देखने को मिलेगा।
कंपनी के पास कैम्पा कोला जैसे कई बड़े और लोकप्रिय ब्रांड्स मौजूद हैं। डीमर्जर के बाद मार्च 2026 तक के चार महीनों में कंपनी ने 125 करोड़ रुपये का नेट लॉस दर्ज किया था। हालांकि, जून तिमाही में कंपनी का ग्रॉस रेवेन्यू दोगुने से भी ज्यादा बढ़कर 8,600 करोड़ रुपये हो गया है।
साल 2030 तक 1,00,000 करोड़ रुपये का मेगा टारगेट
एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ने कंपनी के भविष्य के लक्ष्यों को भी साझा किया। उन्होंने कहा कि उनका टारगेट सभी कैटेगरी में नंबर वन बनना है। कंपनी का लक्ष्य फाइनेंशियल ईयर 2030 तक इस एफएमसीजी बिजनेस के टर्नओवर को 1,00,000 करोड़ रुपये के पार पहुंचाना है।
इस बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए रिलायंस ग्रुप सप्लाई चेन और मैन्युफैक्चरिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत कर रहा है। इसके लिए कुल 30,000 करोड़ रुपये के भारी-भरकम निवेश की योजना है। इस योजना के तहत 10,000 करोड़ रुपये का निवेश पहले ही पूरा किया जा चुका है।