आरबीआई की रिपोर्ट: बाजार से गायब हो रहा 200 रुपये का नोट, 500 रुपये के नोट का दबदबा बरकरार

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Delhi News: भारतीय रिजर्व बैंक के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 200 रुपये का नोट बाजार में अपनी पकड़ खोता जा रहा है। चलन में मौजूद कुल नोटों में इसकी हिस्सेदारी गिरकर महज 6.13 फीसदी रह गई है। वहीं 500 रुपये का नोट 41.25 फीसदी हिस्सेदारी के साथ सबसे आगे बना हुआ है।

100 और 500 के बीच पहचान नहीं बना पाया 200 का नोट

वर्ष 2017 में 100 और 500 रुपये के बीच के अंतर को कम करने के लिए 200 का नोट जारी किया गया था। बैंकिंग विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे भुगतान के लिए लोग 100 रुपये और बड़े लेन-देन के लिए 500 रुपये का नोट ज्यादा पसंद करते हैं। इस वजह से 200 रुपये का नोट अपनी अलग पहचान बनाने में असफल रहा।

डिजिटल पेमेंट और एटीएम से दूरी बनी मुख्य वजह

आर्थिक जानकारों के अनुसार, बैंक एटीएम से भी मुख्य रूप से 100 और 500 रुपये के नोट ही निकलते हैं। इसके अलावा, यूपीआई और डिजिटल पेमेंट के बढ़ते इस्तेमाल ने भी छोटे-मध्यम नोटों की निर्भरता को घटा दिया है। व्यापारियों के पास भी इस नोट की आवक और मांग काफी कम हो गई है।

उपलब्धता न बढ़ने पर और घट सकती है हिस्सेदारी

25 अगस्त 2017 को पहली बार पेश किया गया यह नोट अब बाजार में सबसे कम दिखाई देता है। आंकड़ों के अनुसार, 100 रुपये के नोट की हिस्सेदारी 16.03 फीसदी और 10 रुपये के नोट की हिस्सेदारी 15.94 फीसदी है। यदि बैंक और एटीएम में इसकी उपलब्धता नहीं बढ़ाई गई, तो आने वाले समय में यह और सिमट सकता है।

Desh Raj
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