Dubai News: वैश्विक बाजार में सोमवार सुबह कच्चे तेल की कीमतों में सीमित बदलाव देखा गया। रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही घटने से तेल आपूर्ति पर गंभीर संकट मंडरा रहा है। वहीं अमेरिका और ईरान के बीच जारी भू-राजनीतिक तनाव को सुलझाने के कूटनीतिक प्रयास अब तक बेअसर साबित हुए हैं।
ब्रेंट और डब्ल्यूटीआई क्रूड के ताजा भाव और बाजार स्थिति
सोमवार सुबह ब्रेंट क्रूड 0.42 प्रतिशत की बढ़त के साथ 88.89 डॉलर प्रति बैरल पर दर्ज हुआ। वहीं डब्ल्यूटीआई क्रूड 0.21 प्रतिशत मजबूत होकर 82.57 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। पिछले सप्ताह दोनों बेंचमार्क में पांच प्रतिशत से अधिक का उछाल आया था, जिसके बाद कीमतों में यह ठहराव दर्ज हुआ।
शिप-ट्रैकिंग डेटा प्रदाता केप्लर के मुताबिक सप्ताहांत में होर्मुज मार्ग से तेल जहाजों का आवागमन लगभग बंद रहा। शनिवार को केवल पांच जहाजों ने इस जलमार्ग को पार किया, जबकि रविवार को आवाजाही शून्य रही। उल्लेखनीय है कि संघर्ष शुरू होने से पहले रोजाना 130 से अधिक जहाज यहां से गुजरते थे।
टैंकरों पर हमलों के बाद अमेरिका और ईरान के बीच गतिरोध
अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) के तीन जहाजों और अरामको रिफाइनरी पर हमलों के बाद समुद्री सुरक्षा जोखिम बढ़ गया है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ किया है कि सामान्य आवाजाही बहाल होने से पहले अमेरिका को शर्तें माननी होंगी। वहीं अमेरिका ने ईरान की नौसैनिक नाकेबंदी जारी रखने की बात कही है।
यमन में हूतियों द्वारा सऊदी अरब की नौसैनिक नाकेबंदी के चलते बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में भी व्यापारिक आवागमन सुस्त बना हुआ है। सप्ताहांत में यहां से केवल 49 जहाजों की आवाजाही दर्ज हुई, जबकि कोई भी सऊदी तेल टैंकर ट्रैक नहीं किया गया। इससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला पर लगातार दबाव बना हुआ है।