New Delhi News: भारतीय शेयर बाजार में लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में तेजी जारी है। मंगलवार को बीएसई सेंसेक्स 350 अंक चढ़कर खुला और शुरुआती कारोबार में 635 अंकों की उछाल के साथ 76,328 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं एनएसई निफ्टी 180 अंक चढ़कर 23,620 पर कारोबार करता नजर आया। एफएमसीजी और आईटी शेयरों में प्रमुख बढ़त दर्ज की गई।
घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन सकारात्मक रुख देखने को मिला। सोमवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज में आई लगभग 12 प्रतिशत की तेजी के बाद आज बाजार की शुरुआत हरे निशान में हुई। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 350 अंकों की बढ़त के साथ खुला और लिवाली के समर्थन से 635 अंक चढ़कर 76,328 अंक पर पहुंच गया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 सूचकांक भी 180 अंकों की तेजी के साथ 23,620 के स्तर पर पहुंच गया।
शुरुआती कारोबार में व्यक्तिगत शेयरों में इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) का शेयर सबसे ज्यादा 2.91 प्रतिशत चढ़कर 5,063 रुपये पर पहुंच गया। इसके अलावा श्रीराम फाइनेंस का शेयर 2.35 प्रतिशत की तेजी के साथ 883.65 रुपये पर कारोबार कर रहा है। एशियन पेंट्स में 1.75 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई और इसका भाव 2,385.40 रुपये हो गया। वहीं टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स में 1.66 प्रतिशत और निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक एचडीएफसी बैंक के शेयर में 1.57 प्रतिशत की तेजी देखी गई।
निफ्टी एफएमसीजी में सबसे ज्यादा उछाल, रियल्टी और आईटी भी मजबूत
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी एफएमसीजी में सबसे अधिक तेजी दर्ज की गई। यह इंडेक्स 1.43 प्रतिशत उछलकर 44,601.35 अंक पर पहुंच गया। इसके साथ ही निफ्टी कैपिटल मार्केट में 1 प्रतिशत, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में 0.89 प्रतिशत और निफ्टी आईटी में 0.85 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली।
अन्य सेक्टरों में निफ्टी एमएनसी 0.73 प्रतिशत और निफ्टी रियल्टी 0.64 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं। बैंकिंग और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में भी निवेशकों का रुझान सकारात्मक बना हुआ है।
हेल्थकेयर और फार्मा सेक्टर पर दबाव
चौतरफा खरीदारी के माहौल के बीच कुछ सेक्टरों में हल्की बिकवाली का दबाव भी देखने को मिला। शुरुआती सत्र में निफ्टी हेल्थकेयर इंडेक्स 0.54 प्रतिशत फिसलकर 16,390.85 अंक पर आ गया। इसके अतिरिक्त निफ्टी फार्मा इंडेक्स में भी 0.52 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। बाजार के विश्लेषक वैश्विक संकेतों और दूसरी तिमाही के नतीजों के बीच निवेशकों की सतर्कता को इन सेक्टरों की नरमी की वजह मान रहे हैं।