यमन के हदीदा बंदरगाह और तेल सुविधा केंद्र पर भीषण हवाई हमले, 7 लोग घायल; हूती गुट ने सऊदी गठबंधन को ठहराया जिम्मेदार

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World News: यमन के लाल सागर स्थित हदीदा प्रांत में रणनीतिक बंदरगाह और तेल सुविधा केंद्र पर हुए हवाई हमलों में सात लोग घायल हो गए हैं। हूती विद्रोहियों ने इन हमलों के लिए सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन को जिम्मेदार ठहराया है। हूती स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, रास ईसा बंदरगाह और बजील जिले में हुए इन हमलों से बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।

यमन में लंबे समय से जारी संघर्ष के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। हूती विद्रोहियों के अनुसार, सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने लाल सागर तट पर स्थित रणनीतिक हदीदा प्रांत में एक प्रमुख बंदरगाह और तेल भंडारण डिपो को निशाना बनाकर ताजा हवाई हमले किए हैं। इन हमलों में कम से कम 7 लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की आधिकारिक पुष्टि हुई है।

हूती स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता अनीस अल-अस्बाही ने सोशल मीडिया मंच एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि लाल सागर के तटीय इलाकों में नागरिक बुनियादी ढांचे पर सिलसिलेवार बमबारी की गई।

रास ईसा पोर्ट और बजील जिले में भारी नुकसान

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रास ईसा तेल बंदरगाह पर किए गए हवाई हमलों में चार नागरिक घायल हुए हैं। हूती नियंत्रित टीवी चैनल ‘अल-मसीरा’ के अनुसार, बमबारी के दौरान बंदरगाह की मुख्य जेट्टी (गोदी) और वहां खड़े एक वाणिज्यिक मालवाहक जहाज को सीधा निशाना बनाया गया।

इसके तुरंत बाद दूसरा हमला हदीदा के बजील जिले में स्थित एक तेल सुविधा केंद्र पर किया गया, जहां भीषण विस्फोटों के चलते तीन अन्य लोग घायल हो गए। घायलों को पास के स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया है।

हूती गुट का तीखा हमला: अंतरराष्ट्रीय नियमों का खुला उल्लंघन

इन हमलों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए हूती प्रवक्ता अनीस अल-अस्बाही ने सऊदी गठबंधन पर युद्ध अपराध का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि नागरिक बंदरगाहों और ईंधन आपूर्ति प्रतिष्ठानों को बार-बार निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का घोर उल्लंघन है। उन्होंने दावा किया कि यह कार्रवाई यमन के नागरिकों और आवश्यक सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को तबाह करने के सुनियोजित अभियान का हिस्सा है।

उल्लेखनीय है कि दुनिया के सबसे निर्धन देशों में शामिल यमन वर्ष 2014 से भीषण गृहयुद्ध की चपेट में है। इस संघर्ष में एक ओर ईरान समर्थित हूती विद्रोही काबिज हैं, तो दूसरी ओर यमन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार की बहाली के लिए प्रयासरत सऊदी नेतृत्व वाला सैन्य गठबंधन सक्रिय है। बुनियादी ढांचे पर हमलों के कारण क्षेत्र में मानवीय संकट लगातार गहराता जा रहा है।

Desh Raj
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