Patna News: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की चौथे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4.0) के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी हो गई है। कुल 33,320 पदों के लिए रिकॉर्ड 9.95 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। इस बार प्राथमिक शिक्षक भर्ती में उत्तर प्रदेश के युवाओं की सबसे अधिक दावेदारी सामने आई है, वहीं परीक्षा में निगेटिव मार्किंग और ओएमआर शीट पर पांचवां विकल्प लागू रहेगा।
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा आयोजित की जाने वाली विद्यालय अध्यापक भर्ती परीक्षा के चौथे चरण (TRE-4.0) को लेकर अभ्यर्थियों में भारी उत्साह देखा गया है। 3 नवंबर 2026 को आवेदन प्रक्रिया समाप्त होने तक लगभग 9.95 लाख अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है। राज्य के सरकारी विद्यालयों में कुल 33,320 शिक्षकों की नियुक्ति के लिए यह प्रक्रिया शुरू की गई है। पिछली भर्ती के बाद मिले लगभग दो वर्षों के अंतराल और अपीयरिंग उम्मीदवारों को मिले अवसर के चलते आवेदनों की संख्या में बड़ा उछाल दर्ज किया गया है।
प्राथमिक शिक्षक भर्ती में उत्तर प्रदेश के अभ्यर्थियों की बड़ी दावेदारी
इस भर्ती प्रक्रिया में बिहार के साथ-साथ अन्य राज्यों के युवाओं ने भी बड़े पैमाने पर रुचि दिखाई है। बाहरी राज्यों से आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की कुल संख्या एक लाख से अधिक दर्ज की गई है। इनमें विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के अभ्यर्थियों की संख्या सर्वाधिक है। कक्षा 1 से 5 तक के प्राथमिक शिक्षक पदों के लिए उत्तर प्रदेश के अभ्यर्थियों ने सबसे ज्यादा दावेदारी की है, जिससे प्राथमिक स्तर पर चयन को लेकर प्रतिस्पर्धा और कटऑफ काफी ऊंची रहने की संभावना है।
श्रेणीवार पदों का विवरण
TRE-4.0 के तहत प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्तर तक नियुक्तियां की जानी हैं। उपलब्ध विवरण के अनुसार रिक्तियों का प्रारूप इस प्रकार है:
- कक्षा 1 से 5 (प्राथमिक): 3,847 पद
- कक्षा 6 से 8 (मध्य): 8,563 पद
- कक्षा 9 और 10 (माध्यमिक): 4,370 पद (कुछ प्राथमिक विवरणों में संशोधित आंकड़े 4,380 भी दर्शाए गए हैं)
- कक्षा 11 और 12 (उच्च माध्यमिक): 16,540 पद
कुल रिक्तियों की आधिकारिक पुष्टि और श्रेणीवार अंतिम संख्या के लिए अभ्यर्थियों को आयोग की अधिसूचना का मिलान करना होगा। नियमित रूप से एसटीईटी (STET) आयोजित होने और अवसर मिलने से पात्र अभ्यर्थियों की संख्या में वृद्धि दर्ज हुई है।
एक लिखित परीक्षा और एक-तिहाई निगेटिव मार्किंग
इस भर्ती प्रक्रिया में चयन केवल एक लिखित परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा। आयोग ने परीक्षा में नकारात्मक अंकन (Negative Marking) का कड़ा प्रावधान लागू किया है। प्रत्येक गलत उत्तर पर एक-तिहाई (1/3) अंक काटा जाएगा। इस व्यवस्था के चलते अभ्यर्थियों को उत्तर चुनते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी और अनुमान आधारित उत्तर देने की प्रवृत्ति से बचना होगा।
ओएमआर शीट पर पांचवां विकल्प भरना अनिवार्य
परीक्षा के ओएमआर पैटर्न में इस बार एक विशेष नियम जोड़ा गया है। ओएमआर शीट पर प्रत्येक प्रश्न के लिए पांच विकल्प दिए जाएंगे। यदि कोई अभ्यर्थी किसी प्रश्न का उत्तर नहीं देना चाहता या उसे छोड़ना चाहता है, तो उसे पांचवां गोला भरना अनिवार्य होगा।
यदि कोई अभ्यर्थी किसी प्रश्न का उत्तर नहीं देता और पांचवें विकल्प को भी खाली छोड़ देता है, तो उस प्रश्न को अनुत्तरित न मानकर उस पर भी एक-तिहाई अंक की निगेटिव मार्किंग लागू होगी। इसलिए परीक्षा कक्ष में ओएमआर शीट भरते समय सावधानी आवश्यक होगी।
जनवरी से फरवरी के बीच परीक्षा संभावित
आवेदन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद अब आयोग परीक्षा आयोजन की तैयारियों में जुट गया है। चौथे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा जनवरी से फरवरी 2027 के मध्य आयोजित किए जाने का प्रस्ताव है। हालांकि परीक्षा की अंतिम और सटीक तिथियों की जानकारी बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आधिकारिक सूचना के माध्यम से साझा की जाएगी।