Toronto News: भारत और कनाडा ने अपने द्विपक्षीय आर्थिक एवं वित्तीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। दोनों देश 2026 के अंत तक व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) पर बातचीत पूरी करेंगे। इसके अलावा जल्द द्विपक्षीय निवेश संधि (BIT) शुरू करने पर भी सहमति जताई गई है।
भारतीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और कनाडा के वित्त मंत्री फ्रांस्वा-फिलिप शैम्पेन ने टोरंटो में प्रारंभिक आर्थिक और वित्तीय संवाद में हिस्सा लिया। इस उच्च स्तरीय बैठक में दोनों देशों के बीच सीमा पार फंड ट्रांसफर और बिजनेस पेमेंट्स से जुड़े अवसरों को तलाशने के लिए आपसी सहयोग बढ़ाने का फैसला लिया गया।
संयुक्त बयान के अनुसार दोनों नेताओं ने कनाडाई पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स के साथ साझेदारी के जरिए वहां यूपीआई का इस्तेमाल बढ़ाने का स्वागत किया। तेज और कम लागत वाले डिजिटल पेमेंट से व्यापार, टूरिज्म, एजुकेशन और छोटे-मध्यम उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। यह बैठक मार्च 2026 में दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच हुई सहमति का हिस्सा है।
दोनों पक्षों ने 2026 के अंत तक भारत-कनाडा सीईपीए के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। सीईपीए लागू होने से दोनों देशों के बीच ट्रेड और इन्वेस्टमेंट रिलेशंस काफी मजबूत होंगे। मंत्रियों ने ग्लोबल मैक्रोइकॉनॉमिक स्थिति और अपनी-अपनी घरेलू आर्थिक नीतियों पर चर्चा की। भारत ने बायलैटरल इन्वेस्टमेंट ट्रीटी पर वार्ता तुरंत शुरू करने की बात कही।
अगला भारत-कनाडा आर्थिक और वित्तीय संवाद 2027 में आयोजित किया जाएगा। टोरंटो यात्रा के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आर्थिक गलियारे में नए कारोबारी मौके तलाशने के लिए प्रमुख बिजनेस ग्रुप्स और प्रोफेशनल संस्थाओं के प्रतिनिधियों से बातचीत की। दोनों देश 2030 तक आपसी व्यापार 70 अरब कनाडाई डॉलर पहुंचाने का लक्ष्य रख रहे हैं।