Delhi News: फीफा वर्ल्ड कप 2026 का खिताब अपने नाम करने के बाद स्पेन ने क्रिकेट के मैदान पर भी ऐतिहासिक कीर्तिमान बना दिया है. फुटबॉल में शानदार प्रदर्शन के लिए पहचाना जाने वाला यह देश अब क्रिकेट की दुनिया में भी लगातार नए रिकॉर्ड स्थापित कर रहा है.
स्पेन की क्रिकेट टीम ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक ऐसा बड़ा मुकाम हासिल किया है, जिसे पाना किसी भी देश के लिए बड़ी बात मानी जाती है. स्पेन की टीम ने दिग्गज ऑस्ट्रेलियाई टीम का 20 साल पुराना वर्ल्ड रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया है.
स्पेन क्रिकेट टीम ने लगातार सबसे ज्यादा इंटरनेशनल मुकाबले जीतने का वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. स्पेन ने ऑस्ट्रेलिया के 20 साल पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया. टीम ने 2028 टी20 वर्ल्ड कप के यूरोप सब-रीजनल क्वालिफायर सी में फिनलैंड को आठ विकेट से हराया.
फिनलैंड की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए स्पेन के सामने 131 रनों का लक्ष्य रखा था. स्पेन की टीम ने महज दो विकेट खोकर इस लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लिया. इस जीत के साथ ही स्पेन ने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में लगातार 21वीं जीत दर्ज की.
यह साल 2026 में स्पेन का पहला टी20 मुकाबला था. इससे पहले स्पेन की टीम ने साल 2025 का अंत लगातार 20 जीत के साथ किया था. नए साल में भी अपनी जीत की लय को बरकरार रखते हुए उसने ऑस्ट्रेलिया का लगातार 20 मैच जीतने का रिकॉर्ड तोड़ दिया.
स्पेन ने अपनी जीत का यह शानदार सिलसिला फरवरी 2023 में आइल ऑफ मैन के खिलाफ शुरू किया था. इसके बाद टीम ने क्रोएशिया, चेक रिपब्लिक, ग्रीस, साइप्रस और फिनलैंड जैसी कई मजबूत यूरोपीय टीमों को एक के बाद एक लगातार मैचों में शिकस्त दी.
स्पेन ने साल 2003-04 में रिकी पोंटिंग की कप्तानी में ऑस्ट्रेलियाई टीम द्वारा बनाए गए रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है. ऑस्ट्रेलिया ने 2003 वर्ल्ड कप जीतने से पहले 17 वनडे जीते थे और फिर वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन टेस्ट मैच जीतकर लगातार 20 मैच जीते थे.
लेकिन अब स्पेन ने लगातार 21वां इंटरनेशनल मैच जीतकर ऑस्ट्रेलिया का यह रिकॉर्ड पूरी तरह चकनाचूर कर दिया है. इससे पहले भी 2024 में ग्रीस को हराकर स्पेन ने लगातार 14 टी20 जीत दर्ज की थीं. 2019 में टी20 का दर्जा मिलने के बाद से स्पेन लगातार बेहतर हुआ है.
स्पेन ने अब तक खेले 50 टी20 इंटरनेशनल मैचों में से 41 में जीत दर्ज की है, जबकि उसे सिर्फ 8 मैचों में हार झेलनी पड़ी है. दूसरी तरफ, भारत और श्रीलंका के मैच में चोटिल हुए केएल राहुल दूसरे दिन बल्लेबाजी करेंगे, जिससे टीम इंडिया को बड़ी राहत मिली है.
स्पेन को क्रिकेट की दुनिया में जगह बनाने में काफी लंबा वक्त लगा है. स्पेन पहली बार साल 1992 में इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल का एफिलिएट सदस्य बना था. इसके बाद 2017 में उसे आईसीसी के एसोसिएट सदस्य का दर्जा मिला था.
हालांकि स्पेन में क्रिकेट खेलने का इतिहास काफी पुराना रहा है. स्पेन में साल 1809 में क्रिकेट मैच खेले जाने के प्रमाण मिलते हैं. फुटबॉल के लिए मशहूर बार्सिलोना और मैड्रिड जैसे बड़े शहरों में 1980 के दशक तक कई सक्रिय क्रिकेट क्लब भी काम करते थे.
स्पेन की इस हालिया सफलता के पीछे आईसीसी के डेवलपमेंट प्रोग्राम का बड़ा योगदान माना जाता है. पिछले दो दशकों से चलाए जा रहे इस प्रोग्राम से स्पेन में क्रिकेट को बढ़ावा मिला है, जिसका सकारात्मक असर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टीम के बेहतरीन प्रदर्शन में दिख रहा है.