New Delhi News: नई दिल्ली में होने वाली बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप की तैयारियों के बीच आयोजकों ने एक अनोखा तरीका निकाला है. स्टेडियम से बंदरों का आतंक खत्म करने के लिए लंगूर की आवाज निकालने वाले ‘लंगूर मैन’ की मदद ली जा रही है ताकि आयोजन में कोई बाधा न आए.
दिल्ली में होने जा रहे बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप के मुख्य वेन्यू और आसपास की जगहों को बंदरों के खतरे से बचाने के लिए खास योजना बनाई गई है. आयोजकों ने इसके लिए एक्सपर्ट ‘मंकी व्हिस्परर’ को तैनात किया है. ये प्रशिक्षित लोग असली लंगूर की आवाज निकालकर रीसस मकाक यानी आम बंदरों को दूर रखते हैं.
राजधानी में अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के दौरान बंदरों का प्रवेश पहले भी सुरक्षा और व्यवस्था पर सवाल खड़े कर चुका है. इस साल की शुरुआत में इंडियन ओपन के दौरान भी एक बंदर सीधे स्टेडियम की गैलरी में पहुंच गया था. इसी तरह की अनहोनी से बचने के लिए आयोजकों ने यह अनूठी रणनीति समय रहते लागू की है.
आकार में बड़े और काले चेहरे वाले लंगूरों को आम मकाक बंदर अपने लिए बड़ा खतरा मानते हैं. जब भी इलाके में लंगूर की तेज आवाज गूंजती है, तो बंदर किसी भी संभावित हमले से बचने के लिए तुरंत उस जगह को छोड़ देते हैं. इसी प्राकृतिक व्यवहार को ध्यान में रखकर विशेषज्ञ इंसान उनकी आवाज की सटीक नकल करते हैं.
विशेषज्ञों का कहना है कि बंदर हमेशा लंगूरों से नहीं डरते, क्योंकि जंगलों में दोनों प्रजातियां साथ भी रहती हैं. दरअसल लंगूर की आवाज को बंदर खतरे का सिग्नल मानते हैं. ये प्रशिक्षित लोग हूटिंग की आवाज निकालकर बंदरों को बिना कोई नुकसान पहुंचाए सुरक्षित रूप से दूर भगा देते हैं. दिल्ली के सरकारी दफ्तरों में भी यह तरीका आजमाया जा चुका है.
भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने भी इस खास पहल पर खुशी जताई है. सिंधु ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, ”आप इस समाधान पर हंस सकते हैं, लेकिन इसकी कोशिश की तारीफ तो करनी ही होगी. भारत दुनिया का स्वागत करने के लिए तैयार हो, इसके लिए पर्दे के पीछे बहुत से लोग काम कर रहे हैं.”
ओलंपिक मेडलिस्ट पीवी सिंधु ने भारतीय मेहमाननवाजी और जज्बे की तारीफ करते हुए आगे लिखा, ”हमारे समाधान भले ही अनोखे और भारतीय हों, लेकिन हमारा अपनापन, हमारा जज्बा और हमारी मेहमाननवाजी भी वैसी ही है. बैडमिंटन की दुनिया को दिल्ली में यह सब अनुभव करते देखने का बेसब्री से इंतजार है. जल्द ही मिलते हैं.”