Lucknow News: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने 15 अगस्त तक 15,613 आंगनबाड़ी केंद्रों को परिषदीय विद्यालय परिसरों में स्थानांतरित करने का फैसला किया है। इस कदम से राज्य में प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा और बुनियादी शिक्षा के एकीकरण को काफी मजबूती मिलेगी।
ये सभी ऐसे आंगनबाड़ी केंद्र हैं, जो परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों से 200 मीटर के दायरे में स्थित हैं। वर्तमान में इनका संचालन गैर-विभागीय भवनों में किया जा रहा था। स्थानांतरण के बाद इन बच्चों को स्कूल परिसर में ही सभी बुनियादी सुविधाएं मिल सकेंगी।
मिशन मोड में चलेगा आंगनबाड़ी केंद्रों के स्थानांतरण का अभियान
इस अभियान के तहत बच्चों को परिषदीय स्कूलों में सुरक्षित कक्षा-कक्ष, शुद्ध पेयजल, शौचालय और खेल का मैदान मिलेगा। प्रदेश में कुल 1,89,208 आंगनबाड़ी केंद्रों की मैपिंग पूरी हो चुकी है। इनमें से 1,64,480 केंद्र पहले ही स्कूलों में एकीकृत किए जा चुके हैं।
स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी और बाल विकास निदेशक हर्षिता माथुर ने संयुक्त निर्देश जारी किए हैं। स्थानांतरण केवल उन्हीं स्कूलों में होगा, जहां बच्चों के लिए पर्याप्त स्थान और सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसका मकसद 3 से 6 साल के बच्चों को बेहतर माहौल देना है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत उठाया गया बड़ा कदम
यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के मानकों के अनुरूप तैयार की गई है। इससे बाल वाटिका से कक्षा-1 तक सीखने की निरंतरता बनी रहेगी। बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि बच्चों को स्कूल प्रवेश से पहले तैयार करना सरकार की प्राथमिकता है।
सभी जिलों में यह काम मिशन मोड में पूरा किया जाएगा। जिला कार्यक्रम अधिकारी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मिलकर इस प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। कार्य पूरा होने के बाद दोनों अधिकारी संयुक्त हस्ताक्षर से अपनी रिपोर्ट राज्य मुख्यालय को भेजेंगे।