New Delhi News: केंद्र सरकार ने राज्यसभा में बताया कि 2021 के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं पर सालाना खर्च लगभग पांच गुना बढ़ गया है। वर्ष 2021 में यह खर्च करीब 36 करोड़ रुपये था, जो 2025 में बढ़कर 180 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
2021 से अब तक यात्राओं पर 550 करोड़ से अधिक खर्च
विदेश राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा ने एक लिखित उत्तर में बताया कि 2021 से अब तक प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं पर कुल 550 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुए हैं। वर्ष 2026 में अब तक 74.58 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं, जिसमें मई की नॉर्वे यात्रा पर सर्वाधिक 17.46 करोड़ रुपये का खर्च शामिल है।
विदेश यात्राओं से 316 महत्वपूर्ण समझौतों पर हुए हस्ताक्षर
विदेश मंत्रालय ने खर्च का ब्योरा देते हुए बताया कि जुलाई 2021 के बाद से इन यात्राओं के दौरान 316 एमओयू और समझौते संपन्न हुए हैं। ये समझौते रक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किए गए, जिनसे वैश्विक स्तर पर भारत के संबंध मजबूत हुए हैं।
देश को प्राप्त हुआ 381 अरब डॉलर का एफडीआई
मंत्रालय ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि इन कूटनीतिक प्रयासों का देश के आर्थिक विकास पर सीधा प्रभाव पड़ा है। भारत को अप्रैल 2021 से दिसंबर 2025 के बीच कुल 381.8 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) प्राप्त हुआ, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की बढ़ती साख को दर्शाता है।