Shimla News: हिमाचल प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मौसम खराब रहने का अनुमान है। मौसम विज्ञान केंद्र ने चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, शिमला, मंडी, सिरमौर और सोलन जिलों में 4 अगस्त तक फ्लैश फ्लड का अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने लोगों को नदी-नालों और संवेदनशील क्षेत्रों से दूर रहने की हिदायत दी है।
हिमाचल में 9 अगस्त तक जारी रहेगा भारी बारिश का दौर
मौसम विभाग का कहना है कि राज्य में 9 अगस्त तक कई स्थानों पर तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। सोमवार सुबह शिमला और आसपास के इलाकों में धुंध व बादल छाए रहे। प्रदेश में कहीं हल्की बारिश हुई तो कहीं धूप खिली। मौसम विभाग के मुताबिक अगले सात दिनों तक मौसम में लगातार बदलाव होता रहेगा।
बीते 24 घंटों में सबसे ज्यादा 75.8 मिलीमीटर बारिश सिरमौर जिले के पांवटा साहिब में दर्ज हुई। बिलासपुर के नैना देवी में 68.2 मिमी, कुल्लू के कोठी में 35.2 मिमी, मंडी के मुरारी देवी में 33 मिमी, शिमला के रामपुर में 30 मिमी, कांगड़ा के धर्मशाला में 28 मिमी, गोहर में 22 मिमी और नंगल डैम में 15.4 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
पश्चिमी विक्षोभ के असर से बढ़ेगी मानसूनी गतिविधि
सुंदरनगर, मुरारी देवी और कांगड़ा में गरज के साथ बिजली चमकने की सूचना है। मौसम विभाग के अनुसार 3 से 7 अगस्त के बीच कई जगहों पर भारी बारिश होगी। 8 और 9 अगस्त को भी भारी बारिश की संभावना है। 4 अगस्त से नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है।
शिमला के ठियोग में सोमवार सुबह भूस्खलन से प्रेमघाट बाईपास पर खड़ी कार (HP23D-7742) क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के समय कार में कोई मौजूद नहीं था। लोक निर्माण विभाग ने मलबा हटाकर रास्ता खोल दिया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के मुताबिक भूस्खलन से प्रदेश में करीब 100 सड़कें अभी भी बंद पड़ी हैं।
कुल्लू में भूस्खलन से स्कूल भवन क्षतिग्रस्त और फसलें तबाह
कुल्लू जिले के निरमंड उपमंडल के पांकवा गांव में मूसलाधार बारिश से भारी तबाही हुई है। वर्ष 1993 में बना राजकीय प्राथमिक विद्यालय भवन भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हो गया है। भवन में दरारें आने से वह असुरक्षित हो गया है, जिससे बच्चों का शैक्षणिक रिकॉर्ड और सामान अंदर ही फंसा हुआ है।
सुरक्षा कारणों से किसी को भी स्कूल भवन के अंदर जाने की इजाजत नहीं है। भूस्खलन से गांव के बागवानों को भारी नुकसान हुआ है और 500 से अधिक सेब के पौधे नष्ट हो गए हैं। इसके अलावा कई गोशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावितों को मुआवजा देने और पुनर्वास की मांग की है।