Shimla News: हिमाचल प्रदेश निजी बस ऑपरेटर संघ ने राज्य सरकार और परिवहन विभाग पर स्पेशल रोड टैक्स की वसूली में पक्षपात का आरोप लगाया है। संघ का कहना है कि टैक्स में थोड़ी देरी पर निजी बसों के परमिट रोक दिए जाते हैं। इसके विपरीत हिमाचल पथ परिवहन निगम पर वर्षों से टैक्स बकाया होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही।
एचआरटीसी पर बकाया स्पेशल रोड टैक्स सार्वजनिक करने की मांग
संघ के प्रदेश महासचिव रमेश कमल ने सरकार से एचआरटीसी पर लंबित बकाया टैक्स की राशि सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि संविधान के समानता के सिद्धांत के तहत सभी के लिए एक समान नियम होने चाहिए। यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक कदम नहीं उठाया, तो निजी बस ऑपरेटर पूरे राज्य में बड़ा लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू करेंगे।
निजी बस ऑपरेटरों के अनुसार डीजल, स्पेयर पार्ट्स, बैंक लोन और इंश्योरेंस प्रीमियम की दरें लगातार बढ़ रही हैं। इस बढ़ती लागत के बावजूद निजी ऑपरेटर राज्य के दूरदराज के ग्रामीण इलाकों में लगातार बस सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे कठिन समय में सरकारी बसों में महिलाओं को मिलने वाली 50 प्रतिशत किराया छूट से उनकी आय काफी ज्यादा प्रभावित हुई है।
निजी ऑपरेटरों ने की वित्तीय राहत पैकेज और नीति में बदलाव की मांग
संघ के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी जनकल्याणकारी योजना के खिलाफ नहीं हैं। हालांकि, निजी क्षेत्र को हो रहे आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिए सरकार को समानांतर राहत देनी चाहिए। उन्होंने निजी बस ऑपरेटरों को जारी अनावश्यक नोटिसों की समीक्षा करने और प्रशासनिक कार्रवाई तुरंत रोकने की पुरजोर मांग की है।
निजी बस ऑपरेटर संघ ने राज्य सरकार से परिवहन उद्योग को बचाने के लिए विशेष वित्तीय राहत पैकेज देने का आग्रह किया है। इसके साथ ही उन्होंने इस क्षेत्र के लिए एक नई व्यावहारिक नीति लागू करने की मांग उठाई है। ऑपरेटरों का कहना है कि सरकार को निजी परिवहन व्यवसाय को बचाने के लिए तुरंत ठोस कदम उठाने चाहिए।