Kathmandu News: हिमालयी बेल्ट और आसपास के इलाकों में शुक्रवार तड़के भूकंप के कई झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, चीन, तिब्बत और नेपाल में लगातार चार भूकंप दर्ज किए गए। इनमें सबसे तेज झटका चीन में 4.5 तीव्रता का रहा। राहत की बात यह है कि कोई नुकसान नहीं हुआ।
तिब्बत और नेपाल में देर रात दर्ज हुए भूकंपीय झटके
आंकड़ों के मुताबिक, पहला भूकंप गुरुवार देर रात 11:25 बजे तिब्बत में 4.3 तीव्रता का आया, जिसका केंद्र 130 किलोमीटर गहरा था। तिब्बत में दूसरा झटका तड़के 12:50 बजे 4.2 तीव्रता का लगा। इसके बाद नेपाल में तड़के 1:18 बजे 3.4 तीव्रता का हल्का भूकंप महसूस हुआ, जिसकी गहराई 15 किलोमीटर थी।
चीन में सबसे तेज झटका और भूकंप की गहराई के आंकड़े
चौथा और सबसे तेज भूकंप चीन में तड़के 1:44 बजे 4.5 तीव्रता का आया, जिसका केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर नीचे था। ये सभी झटके देर रात से तड़के के बीच आए। इन भूकंपों की गहराई 10 से 130 किलोमीटर के बीच रही, जो अलग-अलग विशेषताओं को दर्शाती है। स्थानीय प्रशासन ने किसी आपातकालीन नुकसान की पुष्टि नहीं की है।
टेक्टोनिक प्लेटों के टकराव के कारण बेहद संवेदनशील है यह इलाका
नेपाल, तिब्बत और चीन के सीमावर्ती हिस्सों से जुड़ी हिमालयी बेल्ट दुनिया के सबसे अधिक भूकंप-संवेदनशील क्षेत्रों में शामिल है। विशेषज्ञों के अनुसार, इंडियन और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के आपस में टकराने के कारण इस क्षेत्र में लगातार दबाव बनता है। इसी भौगोलिक प्रक्रिया की वजह से यहां अक्सर अलग-अलग तीव्रता के भूकंप आते रहते हैं।