विकासनगर में चीन की नीतियों के खिलाफ तिब्बती समुदाय का जोरदार प्रदर्शन, मानवाधिकार उल्लंघनों पर रोक की मांग

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Vikasnagar News: तिब्बत में चीन की दमनकारी नीतियों के विरोध में गुरुवार को तिब्बती समुदाय ने विकासनगर में जोरदार प्रदर्शन किया। रीजनल तिब्बती यूथ कांग्रेस के नेतृत्व में लोगों ने हरबर्टपुर से विकासनगर तक रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों ने तिब्बत में हो रहे मानवाधिकार उल्लंघनों और कथित उत्पीड़न पर तुरंत रोक लगाने की मांग की।

चीन के एथनिक यूनिटी कानून का तिब्बती समाज ने किया विरोध

सेंट्रल तिब्बतन एडमिनिस्ट्रेशन, धर्मशाला के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री चोएक्योंग वांगचुक ने चीन के तथाकथित एथनिक यूनिटी एंड प्रोग्रेस लॉ का कड़ा विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कानून से तिब्बती भाषा, संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और पहचान को कमजोर किया जा रहा है। तिब्बती समाज इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा।

रीजनल तिब्बती यूथ कांग्रेस, हरबर्टपुर के अध्यक्ष तेनजिन योन्टेन ने कहा कि संगठन भूख हड़ताल, कैंडल मार्च, रैलियों और जन-जागरूकता अभियानों से तिब्बत का मुद्दा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाता रहा है। उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र, अंतरराष्ट्रीय समुदाय और चीन सरकार के सामने पांच प्रमुख मांगें रखी गई हैं।

तिब्बती बंदियों की रिहाई और आत्मनिर्णय के अधिकार की मांग

इन मांगों में मानवाधिकार हनन पर रोक, आत्मदाह के लिए जिम्मेदार नीतियों का अंत, आत्मनिर्णय का अधिकार, विवादित कानून की वापसी और राजनीतिक बंदियों की रिहाई शामिल है। उन्होंने कहा कि शहीद लोब्सांग रांगजेन का बलिदान उनकी आजादी और न्याय की लड़ाई का प्रतीक है, जो संघर्ष जारी रखने की प्रेरणा देता है।

जय भारत और जय तिब्बत के नारों के साथ रैली समाप्त हुई। इस दौरान सेटलमेंट अधिकारी डोल्मा त्सेरिंग, तिब्बती स्थानीय सभा के उपाध्यक्ष सोमन, तिब्बती आईटीआई देहरादून के निदेशक छोसांग सहित भारी संख्या में तिब्बती नागरिक और स्कूली बच्चे मौजूद रहे। सभी ने चीन की नीतियों के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाई।

Right News Desk
Right News Desk
लॉ और पत्रकारिता स्नातक, पत्रकारिता में 11 वर्ष का अनुभव

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