हिमाचल प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन का होगा कायाकल्प, चार नए ई-डिपो खुलने से दौड़ेंगी 100 नई इलेक्ट्रिक बसें

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Shimla News: हिमाचल प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की कवायद तेज हो गई है। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के बेड़े में जल्द बड़ा सुधार दिखेगा। प्रदेश में चार नए अत्याधुनिक ई-डिपो स्थापित किए जा रहे हैं।

इन नए डिपो के क्रियान्वयन के बाद राज्य में 100 नई इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर उतरेंगी। तय योजना के तहत प्रत्येक ई-डिपो से 25-25 इलेक्ट्रिक बसों का सुचारू संचालन होगा। इससे दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्रों में बेहतर बस सेवा का विस्तार होगा।

विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक नादौन, ठियोग, हरोली और नाहन में ई-डिपो का निर्माण होना है। इनमें नाहन और ठियोग के ई-डिपो को केंद्र सरकार से मंजूरी मिल गई है। वहीं नादौन और हरोली का प्रस्ताव भी अंतिम मंजूरी के लिए भेजा गया है।

अगले तीन महीने में पूरा होगा निर्माण कार्य

एचआरटीसी प्रबंधन को उम्मीद है कि बचे हुए दो डिपो को भी जल्द स्वीकृति मिल जाएगी। इसके बाद निर्माण और दूसरी कागजी औपचारिकताओं को तेजी से निपटाया जाएगा। अधिकारियों का अनुमान है कि अगले दो से तीन महीनों में काम पूरा हो जाएगा।

इस नई व्यवस्था के तहत इलेक्ट्रिक बसों की आपूर्ति भारत सरकार खुद करेगी। इसके संचालन का जिम्मा पूरी तरह एचआरटीसी के पास रहेगा। बसों के ड्राइवरों और तकनीकी रख-रखाव का काम केंद्र संभालेगा, जबकि एचआरटीसी केवल परिचालकों की व्यवस्था करेगा।

इन बसों से होने वाली पूरी कमाई सीधे एचआरटीसी के खाते में जाएगी। इससे निगम की माली हालत में बड़ा सुधार होने की उम्मीद है। इन डिपो में चार्जिंग, मेंटेनेंस और ऑपरेशन की बेहतरीन आधुनिक सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जाएंगी।

डीजल बसों पर निर्भरता कम करने का बड़ा लक्ष्य

सरकार का मानना है कि इस कदम से डीजल बसों पर निर्भरता तेजी से कम होगी। इससे पर्यावरण में कार्बन उत्सर्जन घटेगा और लोगों को प्रदूषण रहित सफर मिलेगा। यात्रियों को पहाड़ों में आरामदायक और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन की बेहतर सुविधा मिल सकेगी।

राज्य में हरित परिवहन को बढ़ावा देने का काम पहले से चल रहा है। एचआरटीसी के बेड़े में 297 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल की जा रही हैं। इनमें से 158 बसें विभिन्न डिपो को मिल चुकी हैं, जबकि 100 बसें शिमला और कुल्लू-मनाली में चल रही हैं।

सरकार का आगामी लक्ष्य चरणबद्ध तरीके से डीजल गाड़ियों को हटाना है। इन चार नए ई-डिपो के चालू होने के बाद हिमाचल प्रदेश उन राज्यों में शुमार हो जाएगा, जहां इलेक्ट्रिक गाड़ियों का नेटवर्क सबसे मजबूत और तेजी से फैल रहा है।

Right News Desk
Right News Desk
लॉ और पत्रकारिता स्नातक, पत्रकारिता में 11 वर्ष का अनुभव

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