Chamba News: हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में सोमवार रात हुई मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। जगह-जगह भूस्खलन और मलबे के कारण कई रिहायशी इलाकों में पानी भर गया। इस घटना में घरों, दुकानों और वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा है। वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग-154ए भी पूरी तरह बंद हो गया।
इस बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान सुल्तानपुर वार्ड के अलावा सरोल, परेल और तडोहली ग्राम पंचायत में हुआ है। मंगलवार सुबह सड़कों, बाजारों और घरों में कीचड़ और बड़े-बड़े पत्थर फैले नजर आए। मकानों और दुकानों के भीतर मलबा घुसने से लोगों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा।
ओबड़ी में पहाड़ी दरकी, बाल-बाल बचा पूरा परिवार
ओबड़ी इलाके में देर रात पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा अचानक दरक गया। इसके बाद विशाल चट्टानें और मलबा सीधे एक मकान पर आ गिरे। गनीमत रही कि हादसे से ठीक कुछ सेकंड पहले ही परिवार के लोग घर से बाहर निकल आए थे। इस वजह से किसी की जान नहीं गई।
सरोल और घोलटी क्षेत्रों में करीब 15 छोटे-बड़े वाहन मलबे और कीचड़ के नीचे दब गए। सरोल पंचायत प्रधान विजय कुमार ने बताया कि पंचायत प्रतिनिधियों ने सुबह प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मंगलवार सुबह तक प्रशासन का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा था। उन्होंने मुआवजे की मांग की।
कॉलेज परिसर और दुकानों में घुसा मलबा, राहत कार्य जारी
सुल्तानपुर क्षेत्र में सरकारी डिग्री कॉलेज परिसर समेत कई दुकानों और मकानों में पानी भर गया। लोग रात भर अपने सामान को सुरक्षित करने और पानी निकालने में जुटे रहे। स्थानीय लोगों ने कहा कि मानसून से पहले चेतावनी देने के बावजूद प्रशासन ने कोई पुख्ता कदम नहीं उठाए, जिससे नुकसान ज्यादा हुआ।
जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को तुरंत राहत और बहाली का काम शुरू करने के निर्देश दिए हैं। सड़कों से मलबा हटाने और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने का काम चल रहा है। इसके साथ ही प्रशासनिक अधिकारी नुकसान का पूरा आकलन करने में लगे हुए हैं।