स्कूल कॉम्प्लेक्स सिस्टम के खिलाफ शिमला में शिक्षकों का बड़ा प्रदर्शन, 15 दिन की पदयात्रा के बाद भूख हड़ताल शुरू

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Shimla News: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में हजारों शिक्षक अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। 15 दिन लंबी ‘सेव प्राइमरी एजुकेशन’ पदयात्रा पूरी करने के बाद राज्यभर के प्राथमिक शिक्षक रविवार को शिमला पहुंचे। शिक्षकों ने चौड़ा मैदान में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है।

स्कूल कॉम्प्लेक्स सिस्टम को वापस लेने की मांग

प्रदर्शनकारी शिक्षकों की सबसे प्रमुख मांग राज्य में लागू स्कूल कॉम्प्लेक्स सिस्टम को पूरी तरह वापस लेने की है। हिमाचल सरकार ने सितंबर 2025 में यह व्यवस्था लागू की थी। इसके तहत कई प्राइमरी, मिडिल और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को एक ही प्रशासनिक इकाई से जोड़ा गया है।

इस व्यवस्था के लागू होने से एक ही प्रिंसिपल को 15 से 20 स्कूलों का प्रशासनिक कामकाज देखना पड़ता है। शिक्षकों का आरोप है कि इससे प्राथमिक स्कूलों की देखरेख और संचालन प्रभावित हो रहा है। अत्यधिक प्रशासनिक बोझ के कारण बच्चों की पढ़ाई पर भी बहुत बुरा असर पड़ रहा है।

दशकों पुरानी प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था पर असर

हिमाचल प्रदेश प्राइमरी टीचर्स फेडरेशन के अध्यक्ष रमेश शर्मा ने एएनआई को बताया कि यह प्रणाली पुरानी प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को कमजोर कर रही है। पहले एक प्रिंसिपल के पास केवल एक स्कूल की जिम्मेदारी थी। अब एक ही अधिकारी के पास कई स्कूलों का प्रभार आ गया है।

शर्मा ने कहा कि इस बदलाव से प्रशासनिक कामकाज काफी बढ़ गया है और प्राथमिक स्कूलों की प्राथमिक जरूरतों पर ध्यान नहीं दिया जा पा रहा। इस व्यवस्था का प्रतिकूल असर जेबीटी शिक्षकों के साथ-साथ नर्सरी शिक्षकों, मिड-डे मील वर्करों और शिक्षा विभाग के अन्य कर्मचारियों पर भी पड़ा है।

11 जुलाई को शुरू हुई थी ‘सेव प्राइमरी एजुकेशन’ यात्रा

फेडरेशन ने 11 जुलाई को ‘सेव प्राइमरी एजुकेशन’ यात्रा शुरू की थी। लगभग 15 दिनों तक चली इस पदयात्रा में राज्य के सभी जिलों से शिक्षक जुड़े। रविवार को शिमला में समाप्त हुई इस यात्रा में डोडरा-क्वार और पांगी जैसे दूरदराज के जनजातीय क्षेत्रों के शिक्षक भी पहुंचे।

आंदोलनकारियों का दावा है कि इस प्रदर्शन में लगभग 20 हजार कार्यरत शिक्षक और 40 हजार सेवानिवृत्त शिक्षक भाग ले रहे हैं। इसके अलावा मल्टी टास्क वर्कर और शिक्षा विभाग के कर्मचारी भी शामिल हुए हैं। सभी का एक ही सुर में कहना है कि इस व्यवस्था को तुरंत खत्म किया जाए।

प्रदर्शन स्थल पहुंचे मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू

रविवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू स्वयं शिमला के चौड़ा मैदान स्थित धरना स्थल पर पहुंचे। सीएम ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने उनकी अधिकांश मांगें मान ली हैं। स्कूल कॉम्प्लेक्स सिस्टम की समीक्षा और आपत्तियों के अध्ययन के लिए एक विशेष समिति बनाई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समिति की रिपोर्ट के आधार पर व्यवस्था में सुधार होगा और जरूरत पड़ने पर इसे वापस लेने पर भी विचार किया जाएगा। सुक्खू ने घोषणा की कि पिछले आंदोलनों के दौरान शिक्षकों पर दर्ज एफआईआर भी वापस ली जाएंगी। सरकार समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह गंभीर है।

आश्वासन के बाद भी जारी रहेगा विरोध प्रदर्शन

मुख्यमंत्री के आश्वासन के बावजूद शिक्षकों ने अपना आंदोलन वापस लेने से साफ इनकार कर दिया है। फेडरेशन का कहना है कि जब तक सरकार लिखित में ठोस फैसला नहीं लेती, तब तक भूख हड़ताल जारी रहेगी। शिक्षकों का लक्ष्य प्राथमिक शिक्षा तंत्र को मजबूत बनाए रखना है।

Right News Desk
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लॉ और पत्रकारिता स्नातक, पत्रकारिता में 11 वर्ष का अनुभव

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