Patna News: नीट पेपर लीक विवाद को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद बिहार और असम सरकार ने छात्रों को बड़ी राहत दी है। दोनों सरकारों ने प्रदर्शनकारियों पर दर्ज केस वापस लेने और हिरासत में लिए गए छात्रों को रिहा करने का आदेश जारी कर दिया है।
बिहार गृह विभाग ने आदेश जारी कर स्पष्ट किया कि 26 जुलाई शाम छह बजे तक दर्ज सभी मामले वापस लिए जाएंगे। सरकार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करेगी। पूर्व में गिरफ्तार किए गए सभी छात्रों और युवाओं को तत्काल प्रभाव से रिहा करने के निर्देश दिए गए हैं।
कपिल सिब्बल ने दिया कानूनी फंड, बंगाल में रिहाई पर संशय
वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे छात्रों की मदद के लिए एक करोड़ रुपये के लीगल फंड का ऐलान किया है। दूसरी तरफ, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने एक ऑनलाइन एविडेंस-गैदरिंग प्लेटफॉर्म भी लॉन्च कर दिया है।
बिहार और असम के रुख के विपरीत पश्चिम बंगाल में हिरासत में लिए गए छात्रों पर स्थिति अभी साफ नहीं हुई है। राज्य सरकार की तरफ से रिहाई का आदेश न आने से परिजनों में चिंता बनी हुई है। इस बीच, बिहार के सिवान में बिना आदेश एके-47 चलाने वाले सिपाही को निलंबित कर दिया गया है।