National News: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर कड़ा तंज कसते हुए कहा है कि वह केवल मॉक संसद में ही प्रधानमंत्री बन सकते हैं, जबकि वास्तविक संसद में नरेन्द्र मोदी ही प्रधानमंत्री रहेंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्ष के प्रतीकात्मक महाभियोग प्रस्ताव पर कटाक्ष करते हुए सरमा ने कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन पर जोरदार हमला बोला।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने विपक्षी गठबंधन ‘आईएनडीआईए’ द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पारित किए गए प्रतीकात्मक महाभियोग प्रस्ताव पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सोनिया गांधी ने राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए कई प्रयास किए, लेकिन वे सभी असफल रहे। इसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर एक ‘मॉक संसद’ आयोजित की गई, जहां राहुल गांधी को प्रतीकात्मक प्रधानमंत्री बनाया गया।
सरमा का यह बयान चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर भाजपा और विपक्ष के बीच चल रहे कड़े सियासी गतिरोध के बीच आया है। विपक्षी गठबंधन ने शनिवार को दिल्ली में मॉक संसद आयोजित कर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रतीकात्मक महाभियोग प्रस्ताव पारित किया था। इसके बाद रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में एक बड़ी रैली आयोजित की गई, जिसमें राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, ममता बनर्जी और अखिलेश यादव सहित कई प्रमुख विपक्षी नेता शामिल हुए थे।
बाढ़ की सीबीआई जांच और बहुविवाह पर असम कैबिनेट के बड़े फैसले
राजनीतिक बयानबाजी के अलावा मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्य कैबिनेट द्वारा लिए गए दो महत्वपूर्ण निर्णयों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष की शुरुआत में पूर्वी असम के शिवसागर और चराइदेव जिलों में आई विनाशकारी बाढ़ के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए राज्य सरकार केंद्र सरकार से सीबीआई जांच की सिफारिश करेगी।
मंत्रिमंडल की बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार अगले 10 दिनों के भीतर केंद्र को पत्र भेजेगी, हालांकि जांच सौंपने का अंतिम निर्णय केंद्र सरकार का होगा। कुछ महीने पहले दिखौ नदी के जलस्तर में अचानक हुई बढ़ोतरी से चराइदेव, शिवसागर और जोरहाट जिलों में भारी तबाही मची थी।
इसके साथ ही, राज्य मंत्रिमंडल ने असम सेवा एवं अनुशासन नियमों में संशोधन को भी मंजूरी दी है। नए प्रावधान के तहत अब किसी भी धर्म का सरकारी कर्मचारी यदि बहुविवाह में संलिप्त पाया जाता है, तो उसे तत्काल प्रभाव से सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया जाएगा। यह नियम भविष्य में किसी भी सरकारी रोजगार के लिए स्थायी अयोग्यता का आधार भी बनेगा।
विदेशी मदद वाले बयान पर भाजपा का राहुल गांधी पर पलटवार
इधर, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विदेशी मदद से सत्ता में आने संबंधी राहुल गांधी के आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी ने भी पलटवार किया है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सीआर केसवन ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राहुल गांधी की मार्च 2023 की ब्रिटेन यात्रा का एक पुराना वीडियो साझा करते हुए उन पर भारत के आंतरिक मामलों में विदेशी हस्तक्षेप की मांग करने का आरोप लगाया।
केसवन ने कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले लंदन में भाषण देते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा था कि यह सिर्फ भारत की लड़ाई नहीं है, जो उनकी मंशा को उजागर करता है। भाजपा प्रवक्ता ने दावा किया कि लोकतंत्र की स्थिति को लेकर विदेशी धरती पर दिए गए ऐसे बयान बार-बार विपक्ष की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करते हैं।