ग्रेटर नोएडा वेस्ट में गौर चौक अंडरपास का ट्रायल 5 नवंबर से शुरू, जाम से मिलेगी राहत

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Greater Noida News: ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासियों को ट्रैफिक जाम से राहत मिलने जा रही है। 92 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 700 मीटर लंबे 6 लेन गौर चौक अंडरपास को 5 नवंबर से 3 दिनों के ट्रायल के लिए खोला जा रहा है। ट्रायल के दौरान सामने आने वाली तकनीकी खामियों को दूर करने के बाद इसे आम जनता के लिए पूरी तरह खोल दिया जाएगा।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने गौर चौक (चार मूर्ति चौराहा) पर वाहनों के दबाव को नियंत्रित करने के लिए निर्मित अंडरपास को ट्रायल रन के तहत खोलने की घोषणा की है। यह परीक्षण 5 नवंबर से 3 दिनों तक चलेगा, जिसके दौरान वाहनों की आवाजाही और यातायात प्रबंधन का आकलन किया जाएगा। इस दौरान मिलने वाले फीडबैक और तकनीकी कमियों को ठीक करने के उपरांत अंडरपास के स्थायी उद्घाटन की तिथि तय की जाएगी।

इस अंडरपास के खुलने से गौर सिटी के करीब 30 हजार परिवारों और डेढ़ लाख से अधिक आबादी को सीधा लाभ पहुंचेगा। इसके साथ ही ग्रेटर नोएडा से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, नोएडा एक्सटेंशन और गाजियाबाद के सिद्धार्थ विहार, विजय नगर व प्रताप विहार की ओर आने-जाने वाले दैनिक यात्रियों को भी जाम से बड़ी राहत मिलेगी।

92 करोड़ की लागत से तैयार हुआ 6 लेन अंडरपास

गौर चौक अंडरपास का निर्माण करीब 92 करोड़ रुपये के बजट से किया गया है। यह 700 मीटर लंबा और 6 लेन चौड़ा अंडरपास है, जिसके जंक्शन का 350 मीटर हिस्सा दोनों तरफ विस्तृत है। अंडरपास की आंतरिक दीवारों को आकर्षक बनाने के लिए गौतम बुद्ध की खूबसूरत पेंटिंग्स से सजाया गया है। इसके अलावा, बारिश के दिनों में जलभराव की समस्या रोकने के लिए प्रवेश और निकास द्वारों पर शेड लगाए गए हैं तथा चौराहे के निकट दो यू-टर्न भी बनाए गए हैं।

पर्थला फ्लाईओवर के बाद गौर चौक पर बढ़ा था ट्रैफिक का दबाव

वर्तमान में गौर सिटी चौराहे पर सुबह और शाम पीक आवर्स के दौरान वाहन चालकों को आधे घंटे से अधिक समय तक जाम में फंसना पड़ता है। मेट्रो कनेक्टिविटी न होने के कारण बड़ी संख्या में लोग ऑटो और कैब पर निर्भर हैं, जिससे निजी व व्यावसायिक वाहनों की भारी भीड़ जुटती है।

ट्रैफिक जानकारों के मुताबिक, पर्थला फ्लाईओवर शुरू होने के बाद उस हिस्से का जाम तो खत्म हो गया, लेकिन वाहनों का पूरा दबाव सीधे गौर चौक पर स्थानांतरित हो गया था। अब अंडरपास और इसके ऊपर तैयार 130 मीटर चौड़ी सड़क के पूरी तरह चालू होने से क्षेत्र में सुगम और निर्बाध यातायात सुनिश्चित हो सकेगा।

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