ताजिकिस्तान में 76 मिनट के भीतर 6 बार कांपी धरती, 5.3 तीव्रता के झटके से सहमे लोग

Share

- Advertisement -

Dushanbe News: मध्य एशियाई देश ताजिकिस्तान में बुधवार तड़के लगातार भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, महज 1 घंटे 16 मिनट के अंतराल में ताजिकिस्तान में छह बार भूकंप दर्ज किया गया। इन झटकों की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.2 से लेकर 5.3 तक मापी गई, जिससे स्थानीय निवासियों में दहशत फैल गई।

भारत के राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) से मिले आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, पहला और सबसे शक्तिशाली भूकंप बुधवार सुबह 3 बजकर 4 मिनट पर आया। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 5.3 दर्ज की गई और इसका केंद्र जमीन से 55 किलोमीटर की गहराई में था। इसके बाद लगातार एक के बाद एक पांच और झटके दर्ज किए गए।

76 मिनट में छह झटकों का सिलसिलेवार ब्योरा

  • सुबह 3:04 बजे: 5.3 तीव्रता का पहला बड़ा झटका (गहराई 55 किमी)
  • सुबह 3:09 बजे: 4.5 तीव्रता का दूसरा झटका (गहराई 10 किमी)
  • सुबह 3:24 बजे: 3.9 तीव्रता का तीसरा झटका (गहराई 10 किमी)
  • सुबह 3:43 बजे: 3.3 तीव्रता का चौथा झटका (गहराई 10 किमी)
  • सुबह 4:03 बजे: 3.2 तीव्रता का पांचवां झटका (गहराई 170 किमी)
  • सुबह 4:20 बजे: 4.2 तीव्रता का छठा झटका (गहराई 10 किमी)

आंकड़ों के विश्लेषण से स्पष्ट है कि छह में से चार भूकंप जमीन की ऊपरी सतह यानी मात्र 10 किलोमीटर की गहराई पर केंद्रित थे, जबकि पांचवां भूकंप 170 किलोमीटर की गहराई पर दर्ज हुआ।

ताजिकिस्तान में बार-बार क्यों हिलती है धरती?

ताजिकिस्तान मध्य एशिया का एक प्रमुख पर्वतीय देश है, जिसका अधिकांश भौगोलिक भूभाग पामीर और हिंदूकुश पर्वत श्रृंखलाओं में स्थित है। भूवैज्ञानिक दृष्टिकोण से यह संपूर्ण क्षेत्र अत्यंत संवेदनशील सिस्मिक ज़ोन में आता है।

वैज्ञानिकों के अनुसार, यह क्षेत्र भारतीय टेक्टोनिक प्लेट और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेट के बीच होने वाले निरंतर टकराव के दबाव से प्रभावित रहता है। दोनों विशाल भूगर्भीय प्लेटों के आपस में टकराने के कारण पामीर-हिंदूकुश क्षेत्र में भारी मात्रा में ऊर्जा जमा होती है, जिसके समय-समय पर बाहर निकलने से इलाके में बार-बार भूकंप के तीव्र झटके महसूस होते हैं।

Desh Raj
Desh Raj
Please wait....

Read more

Related News