Siddharthnagar News: भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों की सख्ती के बावजूद तस्कर ट्रकों और एंबुलेंस में गुप्त तहखाने बनाकर गांजे की बड़ी खेप भारतीय शहरों में भेज रहे हैं। सोनौली और आसपास के क्षेत्रों से करोड़ों रुपये का गांजा पकड़ा गया है। नेपाल के गंडकी प्रांत में खेती की कानूनी छूट की आड़ में सीमा पार तस्करी बढ़ने की आशंका है।
फिल्म ‘पुष्पा’ की तर्ज पर भारत-नेपाल सीमा पर वाहनों में विशेष गुप्त तहखाने बनाकर मादक पदार्थों की तस्करी के चौंकाने वाले मामले सामने आ रहे हैं। नेपाल सीमा से आने वाले ट्रकों और आपातकालीन सेवा में लगी एंबुलेंस के भीतर गुप्त केबिन बनाकर गांजे की बड़ी खेप भारतीय क्षेत्रों में लाई जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों की जांच में सामने आया है कि सीमा पार से आ रहे इस गांजे की आपूर्ति दिल्ली, पंजाब, नोएडा सहित उत्तर भारत के प्रमुख शहरों में की जा रही है। पहले ओडिशा से तस्करी के मामले अधिक सामने आते थे, लेकिन अब नेपाल सीमा पर बढ़ती बरामदगी ने सुरक्षा तंत्र को अलर्ट कर दिया है।
नेपाल में गांजे की खेती को मंजूरी और तस्करी की आशंका
नेपाल के गंडकी प्रांत में तीन अगस्त को औद्योगिक और चिकित्सीय उपयोग के लिए कड़े सरकारी नियमों के तहत गांजे की खेती को कानूनी मंजूरी दी गई थी। इससे पहले 9 जुलाई को वहां की प्रदेश सभा ने इसका विधेयक पारित किया था। गंडकी प्रांत के सभी 11 जिलों की जलवायु इसके अनुकूल मानी जाती है। हालांकि नेपाल के नारकोटिक ड्रग्स कंट्रोल एक्ट 1976 के तहत व्यक्तिगत सेवन और खुले व्यापार पर प्रतिबंध लागू है। इसके अलावा दार्चुला सहित पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी हिमालयी जंगली क्षेत्रों में यह प्राकृतिक रूप से उगता है। आशंका जताई जा रही है कि चिकित्सीय और औद्योगिक उपयोग की आड़ में आपराधिक गिरोह सीमा पार गांजे की तस्करी को अंजाम दे रहे हैं।
सोनौली और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी बरामदगी
सीमावर्ती इलाकों में हाल ही में कई बड़े मामले पकड़े गए हैं। 18 अक्टूबर को राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) की टीम ने सोनौली मार्ग पर कार्रवाई करते हुए एक ट्रक से 591.3 किलोग्राम गांजा बरामद किया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब तीन करोड़ रुपये आंकी गई। तस्करों ने ट्रक के बोनट के ऊपर और चालक की सीट के पीछे विशेष गुप्त चैंबर बनाकर 81 पैकेट छिपा रखे थे। इससे पहले 24 जून को डिड़ई थाना पुलिस ने बांसी-बस्ती मार्ग स्थित टोल प्लाजा के पास 162 किलो गांजा जब्त किया था, जिसे नोएडा ले जाया जा रहा था। 12 सितंबर को आरपीएफ ने गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर दो ट्रेनों से 18 किलो गांजा पकड़ा था।
आपातकालीन वाहनों का दुरुपयोग, भारतीय नागरिक भी गिरफ्तार
तस्कर अब सुरक्षा बलों की नजरों से बचने के लिए एंबुलेंस का भी सहारा ले रहे हैं। 19 अक्टूबर को नेपाल के सुनसरी जिले के दुहबी नगरपालिका-6 में बुढ़ी नदी किनारे लावारिस खड़ी एंबुलेंस से 574.87 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया, जिसका चालक मौके से फरार हो गया। वहीं वराहक्षेत्र नगरपालिका-2 में भारतीय पंजीकरण नंबर वाली एक एंबुलेंस से प्लास्टिक की बोरियों में छिपाकर रखा गया 148 किलो गांजा जब्त किया गया। इस मामले में सीमा पार तस्करी के आरोप में बिहार के सुपौल जिले के दो भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है।
सीमा पर कस्टम और सुरक्षा बलों की सतर्कता
सीमा पार सक्रिय सिंडिकेट सामान्य दिखने वाले वाणिज्यिक और आपातकालीन वाहनों का इस्तेमाल कर दिल्ली-एनसीआर और पंजाब के बाजारों में माल खपाने की फिराक में हैं। कस्टम अधिकारियों के अनुसार, सीमा पर लगातार चौकसी बरती जा रही है, जिसके चलते बड़ी खेपें पकड़ी जा रही हैं। पूर्व में खुनुवा सीमा से 14 किलो गांजा पकड़ा गया था, जबकि हाल के दिनों में तरबूज के बीज की अवैध खेप भी पकड़ी गई है। सुरक्षा एजेंसियां अब सीमा पार सक्रिय नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं।