Rampur News: हिमाचल प्रदेश के रामपुर के सराहन में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की प्रतिमा के अनावरण समारोह के दौरान रोहड़ू में उनकी अनदेखी का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया। कार्यक्रम में रोहड़ू से विधायक मोहन लाल ब्रागटा का नाम लिए जाने पर जनता ने तालियां न बजाकर अपनी खामोशी से नाराजगी जताई। वहीं, उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने रोहड़ू और वीरभद्र सिंह के योगदान को याद करते हुए बड़ा संदेश दिया।
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के रामपुर के सराहन में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की प्रतिमा के अनावरण के मौके पर रोहड़ू में उनकी अनदेखी का मामला एक बार फिर तूल पकड़ गया। मंच पर स्वागत भाषण के दौरान ही राजनीतिक पोस्टरों से वीरभद्र सिंह के नदारद रहने का जिक्र छिड़ गया, जिसका इशारा मुख्यमंत्री के हालिया रोहड़ू कार्यक्रम की ओर था। इस कार्यक्रम में मंच पर रोहड़ू के विधायक मोहन लाल ब्रागटा भी मौजूद थे, जहां स्थानीय जनता ने अपनी चुप्पी के जरिए अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की।
जनता ने ऐसे दर्ज कराई अपनी आपत्ति
यह पूरा आयोजन दिवंगत नेता वीरभद्र सिंह की प्रतिमा के अनावरण से जुड़ा था, इसलिए मंच पर कांग्रेस और विशेष तौर पर वीरभद्र ‘स्कूल ऑफ थॉट’ से जुड़े नेता मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान स्वागत और सत्कार के लिए मंचासीन कांग्रेस नेताओं के नाम बारी-बारी से पुकारे जा रहे थे, और आंगन में बैठी जनता तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका स्वागत कर रही थी।
इसी सिलसिले में जब रोहड़ू के विधायक मोहन लाल ब्रागटा का नाम मंच से पुकारा गया, तो पूरा पंडाल खामोश हो गया। विधायक का नाम दो बार लिए जाने के बावजूद जनता ने तालियां नहीं बजाईं। आम लोगों ने तालियों में पूरी तरह कंजूसी दिखाते हुए अपनी नाराजगी और आपत्ति स्पष्ट रूप से दर्ज करवाई।
‘रोहड़ू की तरफ जाता था हर रास्ता’ – मुकेश अग्निहोत्री
इस गरमाए माहौल के बीच कार्यक्रम में पहुंचे उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने अपने चिर-परिचित अंदाज में रोहड़ू का जिक्र करते हुए वहां वीरभद्र सिंह के ऐतिहासिक योगदान को याद किया। डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि “रोहड़ू जाणा मेरी आमिये” जैसे प्रसिद्ध गाने यूं ही नहीं बन गए थे। यह वह दौर था जब प्रदेश का हर रास्ता रोहड़ू की तरफ जाता था। उन्होंने कहा कि रामपुर से वीरभद्र सिंह ने कभी चुनाव नहीं लड़ा, लेकिन यहां भी उन्होंने बड़े पैमाने पर विकास कार्य करवाए थे।
‘युग पुरुष थे वीरभद्र सिंह’
डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने आगे कहा कि वीरभद्र सिंह एक युग पुरुष थे और प्रदेश के किसी भी कोने में उनका स्वागत उसी गर्मजोशी के साथ किया जाता था, जैसा रोहड़ू या रामपुर में होता था। उन्होंने कहा कि हम सब सौभाग्यशाली हैं कि हमें वीरभद्र सिंह के साथ काम करने का अवसर मिला।
वीरभद्र सिंह जहां उनके परिवार की अमानत हैं, वहीं वह पूरी कांग्रेस पार्टी की एक बड़ी विरासत भी हैं। राज्य की कांग्रेस सरकार ने उनके प्रति आदर और सम्मान व्यक्त करते हुए उनकी आदमकद प्रतिमा ऐतिहासिक रिज मैदान पर स्थापित की है। हिमाचल के विकास, जनकल्याण और प्रगति में उनके अतुलनीय योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनके दूरदर्शी नेतृत्व और जनसेवा की गाथा हमेशा हिमाचल के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज रहेगी।