Una News: हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के अम्ब थाना क्षेत्र के गांव अठवां में विवाहिता से मारपीट, गाली-गलौज और जातिसूचक टिप्पणियों के गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़िता की शिकायत पर अम्ब थाना पुलिस ने उसके पति समेत ससुराल पक्ष के 5 लोगों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में महिला उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव का एक गंभीर मामला सामने आया है। अम्ब थाना क्षेत्र के तहत गांव अठवां निवासी एक विवाहिता ने अपने पति और ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यों पर मारपीट करने, प्रताड़ित करने और जातिसूचक अपशब्द कहकर अपमानित करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर पति सहित कुल पांच लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
शादी के बाद से उत्पीड़न का आरोप
पुलिस को दी गई शिकायत में पीड़िता ने बताया कि उसका विवाह अक्तूबर 2021 में हुआ था। आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही उसका पति नशे की हालत में उसके साथ नियमित रूप से गाली-गलौज और मारपीट करने लगा। महिला का यह भी आरोप है कि उसकी सास और ननद उसे जाति के आधार पर ताने देती थीं और मानसिक रूप से प्रताड़ित करती थीं। शिकायत में कहा गया है कि ससुराल पक्ष के लोग उसके हाथ का बना खाना खाने से भी इंकार कर देते थे और लगातार अपमानित करते थे।
मायके में आकर झगड़ा और धमकी देने का आरोप
पीड़िता के अनुसार, प्रताड़ना का सिलसिला यहीं नहीं थमा। कुछ महीने पहले ससुराल पक्ष ने उसे उसकी 4 वर्षीय बेटी के साथ घर से बाहर निकाल दिया, जिसके बाद वह अपने मायके गांव अठवां में रहने लगी। पीड़िता ने आरोप लगाया कि बीते दिनों आरोपी उसके मायके पहुंचे और परिजनों के साथ गाली-गलौज व झगड़ा किया। इस दौरान आरोपियों ने उसकी नाबालिग बेटी को जबरन अपने साथ ले जाने और जान से मारने की धमकियां भी दीं।
पुलिस ने शुरू की वैधानिक जांच
डीएसपी अम्ब अनिल पटियाल ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पीड़िता की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एससी-एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न सुसंगत धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है और आवश्यक कानूनी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।