Kullu News: हिमाचल प्रदेश के कुल्लू स्थित ढालपुर मैदान में अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव की शुरुआत हो चुकी है। भगवान रघुनाथ अपने अस्थायी शिविर में विराजमान हो गए हैं। प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। शिविर में भगवान की चार पहर विशेष पूजा और भव्य आरती की जा रही है।
दशहरा उत्सव के दौरान भगवान रघुनाथ का श्रृंगार बेहद खास होता है। प्रतिदिन दिन के हिसाब से भगवान के वस्त्र तय किए जाते हैं। वीरवार को भगवान को पीले वस्त्र पहनाए गए, जबकि शुक्रवार को गुलाबी वस्त्र धारण कराए जाएंगे। घाटी के देवी-देवता भी भगवान रघुनाथ के दरबार में आकर शीश नवा रहे हैं।
राज परिवार तैयार करता है भगवान के विशेष वस्त्र
अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव के दौरान सात दिनों तक अलग-अलग रंग के वस्त्र पहनाए जाते हैं। सोमवार को सफेद, मंगलवार को लाल, बुधवार को हरा, वीरवार को पीला, शुक्रवार को गुलाबी, शनिवार को हल्का नीला और रविवार को फिर लाल वस्त्र अर्पित होते हैं। इन वस्त्रों को राज परिवार तैयार करता है।
पूजा-अर्चना के बाद ही ये वस्त्र भगवान को अर्पित किए जाते हैं। भगवान के इस सुंदर रूप को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। शिविर में महिलाएं प्रतिदिन भजन-कीर्तन कर रही हैं। भगवान रघुनाथ जी के लिए प्रतिदिन विशेष भोग तैयार कर भक्तों में बांटा जा रहा है।
एक दिन में चार बार किया जाता है दिव्य श्रृंगार
दशहरा के अधिष्ठाता देव भगवान रघुनाथ माता सीता के साथ अपने सिंहासन पर विराजमान होते हैं। भगवान का एक दिन में चार बार कीमती आभूषणों और सुंदर वस्त्रों से श्रृंगार किया जाता है। देवी-देवताओं के इस महाकुंभ में भगवान रघुनाथ का यह अस्थायी कैंप आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
भगवान रघुनाथ के कारदार दानवेंद्र सिंह ने बताया कि मुख्य छड़ीबरदार महेश्वर सिंह और पुजारियों ने दूध, दही, शहद, पंचामृत, घी, शक्कर और जल से स्नान कराया। इसके बाद रेशमी वस्त्र, चंदन, कुमकुम और सोने-चांदी के गहनों से श्रृंगार कर पूजा-अर्चना की गई। ढालपुर मैदान में भक्ति का माहौल है।