Manali News: बिलासपुर-मनाली-लेह के बीच प्रस्तावित सामरिक रेललाइन मनाली के बाएं तट पर बनने वाले दोलेन मार्ग के निर्माण में बड़ी अड़चन बन गई है। नग्गर से प्रीणी के बीच रेलवे लाइन और प्रस्तावित सड़क का रास्ता कई जगहों पर टकरा रहा है। इस इलाके में करीब 19 रेलवे क्रॉसिंग पॉइंट आ रहे हैं, जिससे प्रोजेक्ट का काम अटक गया है।
नग्गर और प्रीणी के बीच प्रस्तावित सुरंग की योजना भी अब तक आगे नहीं बढ़ पाई है। कई स्थानों पर दोनों मार्ग एक-दूसरे के समानांतर हैं तो कहीं ऊपर-नीचे आ रहे हैं। इस गंभीर तकनीकी अड़चन के समाधान के लिए एनएचएआई और रेलवे अधिकारियों के बीच दो दौर की उच्चस्तरीय बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाया है।
सुरक्षा कारणों से रेलवे ने नहीं साझा की अंतिम योजना
सड़क की विस्तृत योजना तैयार करने के लिए एनएचएआई ने रेलवे से उसकी अंतिम अलाइनमेंट साझा करने की मांग की थी। हालांकि, रेलवे ने परियोजना की सामरिक और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशीलता का हवाला देकर शुरुआती जानकारी देने में असमर्थता जताई। इसके कारण एनएचएआई अपने दोलेन मार्ग के प्रोजेक्ट को अंतिम रूप नहीं दे पा रहा है।
अब दोनों विभागों के केंद्रीय मंत्रालयों के स्तर पर होने वाली संयुक्त बैठक से ही समाधान निकलने की उम्मीद जताई जा रही है। अलाइनमेंट का पेच फंसने से मनाली के लोगों को बाएं तट के नए मार्ग के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। फिलहाल वाहनों को दाएं तट के पुराने मार्ग पर ही निर्भर रहना होगा, जहां जगह की कमी से फोरलेन बनाना संभव नहीं है।
ब्यास नदी के उफान से पिछले कुछ सालों में दाएं तट का मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ है। इसी वजह से एनएचएआई ने बाएं तट पर दोलेन मार्ग का नया विकल्प चुना था। योजना के मुताबिक मनाली जाने वाले वाहन दाएं तट से और वापसी में बाएं तट के मार्ग से गुजरने थे, लेकिन अलाइनमेंट का पेंच सुलझने तक यह व्यवस्था शुरू नहीं हो सकेगी।