Shimla News: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि राज्य सरकार के चार साल पूरे होने से पहले मंत्रिमंडल का विस्तार और फेरबदल किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में जल्द ही दिल्ली में ‘इंडिया’ गठबंधन की ओर से एक बड़ी रैली आयोजित की जाएगी।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रविवार को कहा कि राज्य में कांग्रेस सरकार के चार साल पूरे होने से पहले मंत्रिमंडल का विस्तार और फेरबदल किया जाएगा। इसके अलावा, उन्होंने जानकारी दी कि मतदाता सूची के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) के खिलाफ दिल्ली में एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन के प्रमुख नेताओं के शामिल होने की संभावना है।
मुख्यमंत्री ने रविवार को शिमला में हिमाचल प्रदेश सचिवालय की दो नई इमारतों का उद्घाटन करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में यह बात कही। दिसंबर में सरकार के चार साल पूरे होने से पहले कैबिनेट विस्तार या फेरबदल की संभावना से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विषय पर पार्टी आलाकमान के साथ चर्चा की जाएगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार को सत्ता में आए तीन साल, 10 महीने और सात दिन हो चुके हैं। मंत्रिमंडल में विस्तार या फेरबदल से जुड़ा कोई भी निर्णय पार्टी हाईकमान से विचार-विमर्श के बाद ही लिया जाएगा।
मतदाता सूची पुनरीक्षण के खिलाफ दिल्ली में होगी बड़ी रैली
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल इस प्रक्रिया को लेकर अपनी चिंताएं उठाने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “बहुत जल्द एसआईआर के मुद्दे पर दिल्ली में एक बड़ी रैली आयोजित की जाएगी, जिसमें ‘इंडिया’ गठबंधन के सभी घटक दलों के नेता एक मंच पर आएंगे।” मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्य विपक्षी दल के रूप में कांग्रेस, राहुल गांधी के नेतृत्व में इस अभियान का संचालन कर रही है और गलत मुद्दों के खिलाफ आवाज उठाना विपक्ष की संवैधानिक जिम्मेदारी है।
वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले हिमाचल और अन्य राज्यों में विरोध प्रदर्शन तेज होने के सवाल पर सुक्खू ने कहा कि एसआईआर का असर पूरे देश में देखने को मिलेगा। उन्होंने बताया कि इन प्रदर्शनों का उद्देश्य मतदाता सूची के पुनरीक्षण में सामने आ रहीं कथित अनियमितताओं को चुनौती देना और जनता को जागरूक करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि “वोटों की चोरी” के कारण चुनाव परिणाम प्रभावित हुए हैं और विपक्ष इसके खिलाफ अपना विरोध जारी रखेगा।
प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन पर बोले मुख्यमंत्री
राज्य में प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन की जांच के लिए आयोग गठित करने के सरकार के फैसले को चुनौती देने की विपक्ष की तैयारी पर भी मुख्यमंत्री ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर तरह की कानूनी और राजनीतिक चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है। मुख्यमंत्री ने कहा, “जिनमें चुनौतियों का सामना करने का साहस होता है, वे उनका सामना करते हैं। हमारे पास चुनौतियों का सामना करने का साहस है।”
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह आयोग संभावित पुनर्गठन पर अपनी सिफारिशें देने से पहले राज्य के सभी ब्लॉकों, तहसीलों और जिलों के भौगोलिक तथा जनसांख्यिकीय पहलुओं की विस्तृत जांच करेगा। इस समीक्षा में जिलों व तहसीलों की सीमाओं में बदलाव, उप-मंडलाधिकारी (SDM) ब्लॉकों का पुनर्गठन और आवश्यकता पड़ने पर जिलों के बीच क्षेत्रों का पुनर्वितरण शामिल हो सकता है। सुक्खू ने बताया कि हाल ही में आयोग में दो नए सदस्य शामिल हुए हैं और उनका काम शुरू कराने के लिए कार्यालय की व्यवस्था की जा रही है।