Dubai News: फ्लाइदुबई के कैप्टन स्मित मच्छार ने कॉकपिट में हुए जानलेवा हमले का खौफनाक अनुभव साझा किया है। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि अचानक हुए वार के बाद वह बार-बार बेहोश हो रहे थे। गंभीर स्थिति के बावजूद उन्होंने हौसला नहीं खोया और साथी पायलट ने विमान का सुरक्षित नियंत्रण संभाल लिया।
स्काई न्यूज अरबिया से बात करते हुए मच्छार ने कहा कि ड्यूटी के दौरान उनके सिर पर किसी भारी वस्तु से जोरदार हमला हुआ था। वार इतना तेज था कि वह फर्श पर गिर पड़े और उनका होश में रहना मुश्किल हो गया। उन्होंने यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए खुद को लगातार जगाए रखा।
मौत के डर के बीच खुद को प्रेरित किया
कैप्टन मच्छार ने उस भयावह पल को याद करते हुए बताया कि एक समय उन्हें लगा कि जान नहीं बचेगी। उन्होंने खुद से कहा कि वह इस तरह हिम्मत नहीं हार सकते और उन्हें कुछ करना होगा। गंभीर चोटों के बावजूद जीवित रहने और विमान को सुरक्षित रखने का उनका इरादा बेहद मजबूत बना रहा।
हमले के तुरंत बाद कॉकपिट का दरवाजा खुलते ही चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई। कैप्टन ने बताया कि वह मुंह के बल गिरे हुए थे और आसपास लोग घबराकर चिल्ला रहे थे। उसी संकट के दौरान एक साथी पायलट प्रार्थना करने लगा, जबकि दूसरे पायलट ने तत्काल आगे बढ़कर फ्लाइट का कंट्रोल अपने हाथों में लिया।
साथी पायलट की सूझबूझ से बची यात्रियों की जान
कैप्टन ने अपने उस सहयोगी की जमकर तारीफ की, जिसने इमरजेंसी में बिना घबराए पूरे विमान की कमान संभाली। उन्होंने कहा कि साथी पायलट का यह साहस जीवन भर याद रहेगा। इस सूझबूझ भरी त्वरित कार्रवाई से स्थिति नियंत्रण में आ सकी और विमान में सवार सभी यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो पाई।
