हिमाचल प्रदेश में नए जिलों के पुनर्गठन के लिए आयोग का गठन, न्यायमूर्ति धर्म चंद चौधरी बने अध्यक्ष

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Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य में नए जिलों, उपमंडलों, तहसीलों और विकास खंडों के पुनर्गठन के लिए एक उच्चस्तरीय आयोग का गठन कर दिया है। प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सुलभ और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी की है।

सेवानिवृत्त न्यायाधीश धर्म चंद चौधरी बने आयोग के अध्यक्ष

सरकार ने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस धर्म चंद चौधरी को आयोग का चेयरमैन नियुक्त किया है। आयोग में अधिवक्ता विशाल पंवार और रिटायर्ड आईएफएस अधिकारी राजेश शर्मा बतौर सदस्य शामिल रहेंगे। इसके अलावा निदेशक भू-अभिलेख विभाग को आयोग का सदस्य सचिव बनाया गया है।

विशेष आमंत्रित सदस्यों की भी हुई नियुक्ति

विभागीय समन्वय बनाए रखने के लिए राजस्व, वित्त, पंचायती राज, वन, लोक निर्माण, जल शक्ति और सामान्य प्रशासन विभाग के प्रशासनिक सचिव विशेष आमंत्रित सदस्य होंगे। आयोग का मुख्यालय शिमला में स्थापित रहेगा। सामान्य प्रशासन विभाग जल्द ही इस संबंध में विस्तृत गाइडलाइन्स जारी करेगा।

पांच प्रमुख बिंदुओं पर तैयार होगी रिपोर्ट

  1. मौजूदा प्रशासनिक ढांचा: राज्य के सभी जिलों, उप-मंडलों, तहसीलों और ब्लॉक के वर्तमान ढांचे का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा।
  2. पुनर्गठन का आकलन: जनसंख्या, भौगोलिक स्थिति और जनसुविधा के आधार पर नई इकाइयों के सृजन, विलय या विभाजन की जरूरत तय होगी।
  3. जन-परामर्श: आयोग आम जनता, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय निकायों से सीधा संवाद स्थापित कर फीडबैक हासिल करेगा।
  4. वित्तीय लागत अनुमान: नई प्रशासनिक इकाइयों के निर्माण, ढांचे और स्टाफ पर आने वाले संभावित खर्च का आकलन किया जाएगा।
  5. संसाधनों का उपयोग: बिना अतिरिक्त वित्तीय बोझ डाले मौजूदा कार्यालयों के कामकाज को सुव्यवस्थित करने के सुझाव दिए जाएंगे।

छह महीने में कैबिनेट को सौंपी जाएगी अंतिम रिपोर्ट

सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचना के अनुसार आयोग को छह महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी होगी। इस रिपोर्ट को मंत्रिमंडल की बैठक में रखा जाएगा, जिसके आधार पर ही सरकार अंतिम निर्णय लेगी। सभी उपायुक्त और राजस्व विभाग आयोग को आवश्यक डेटा उपलब्ध करवाएंगे।

Mohit
Mohit
पत्रकारिता के क्षेत्र में 9 सालों का अनुभव।

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