Lahaul Spiti News: लाहौल-स्पीति के जिला मुख्यालय केलांग के पास उच्च हिमालयी चिकित्सा एवं जनस्वास्थ्य अनुसंधान केंद्र स्थापित होगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने 35 करोड़ रुपये की लागत वाले आईसीएमआर केंद्र की आधारशिला रखी। यह केंद्र सैनिकों और स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर शोध करेगा।
सैनिकों और जनजातीय आबादी की सेहत पर होगा वैज्ञानिक शोध
इस आधुनिक केंद्र में आईसीएमआर, सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाएं और एम्स बिलासपुर मिलकर काम करेंगे। यहां कम ऑक्सीजन, अत्यधिक ठंड और कठिन मौसम से होने वाले असर का अध्ययन होगा। संस्थान ऊंचाई के अनुसार शरीर को ढालने और बीमारियों की समय पर पहचान के बेहतर उपाय खोजेगा।
जेपी नड्डा ने कहा कि इस शोध का लाभ हिमाचल समेत लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश को मिलेगा। दुर्गम क्षेत्रों की बीमारियों से बचाव और प्रभावी उपचार के वैज्ञानिक तरीके तैयार किए जाएंगे। इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री ने वैज्ञानिक प्रदर्शनी और वेबसाइट भी लॉन्च की।
ड्रोन से दवा आपूर्ति और पोषण पर विशेष अध्ययन की तैयारी
अनुसंधान केंद्र में मातृ-शिशु स्वास्थ्य, बच्चों के पोषण और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों पर भी विस्तृत अध्ययन होगा। केंद्र में आधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने बताया कि दुर्गम क्षेत्रों में ड्रोन से दवा आपूर्ति और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं पर भी शोध होगा।
