चुनाव आयोग के खिलाफ इंडिया गठबंधन के सांसद सुप्रीम कोर्ट जाएंगे, सीजेपी नेताओं की रिहाई और प्रदर्शन जारी

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Delhi News: दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन लगातार जारी है। पुलिस ने सीजेपी के तीन नेताओं को हिरासत में लिया था, जिन्हें अब छोड़ दिया गया है। वहीं, इंडिया गठबंधन के सांसद चुनाव आयोग के विरोध में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात करने वाले हैं।

इंडिया गठबंधन के कई सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ बारह अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। ये सभी नेता भारत के मुख्य न्यायाधीश से मिलकर अपनी शिकायत दर्ज कराएंगे। इस बड़े विरोध प्रदर्शन में शिवसेना यूबीटी के सांसद भी शामिल होंगे। पहले शिवसेना के नेता नौ अक्टूबर वाले प्रदर्शन का हिस्सा नहीं बने थे।

दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी का विरोध प्रदर्शन लगातार चल रहा है। सीजेपी के नेता ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अजिंक्य शिंदे ने साफ कर दिया है कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त पद नहीं छोड़ते, उनका यह शांतिपूर्ण विरोध खत्म नहीं होगा।

पुलिस ने प्रदर्शन को रोकने के लिए सीजेपी नेता अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रंका को हिरासत में लिया था। हालांकि, बाद में कोर्ट के आदेश पर कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने तीनों नेताओं को दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन से रिहा कर दिया। रिहाई के तुरंत बाद अभिजीत दीपके अपनी दादी के अंतिम संस्कार में शामिल होने चले गए।

रिहा होने के बाद सीजेपी नेता सौरव दास ने दिल्ली पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाए। दास ने कहा कि पुलिस ने बिना कोई कागज दिखाए उन्हें फ्लाइट से उतारा। उन्होंने आशंका जताई है कि हिरासत के दौरान पुलिस ने उनके फोन को हैक या क्लोन किया होगा, क्योंकि पुलिस ने फोन जब्ती की कोई रसीद नहीं दी।

दिल्ली में प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि शहर में चालीस हजार से ज्यादा पुलिस और सुरक्षा बलों के जवान तैनात हैं। जंतर-मंतर को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश और हरियाणा बॉर्डर पर बैरिकेडिंग करके गाड़ियों की चेकिंग हो रही है।

सीजेपी के शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर पुलिस की सख्ती का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। पुलिस कार्रवाई के खिलाफ अवमानना याचिका पर सुनवाई शुरू हो गई है। याचिकाकर्ताओं की तरफ से कपिल सिब्बल और अन्य वरिष्ठ वकील पैरवी कर रहे हैं। वहीं, केंद्र सरकार का पक्ष सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता कोर्ट के सामने रख रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान काफी हंगामा देखने को मिला। वकीलों के साथ मारपीट और काम रोकने के आरोपों पर कोर्ट रूम में शेम-शेम के नारे लगे। भारी भीड़ के कारण सुनवाई को कोर्ट नंबर अठारह से कोर्ट नंबर पांच में शिफ्ट किया गया। जस्टिस मोहना ने सभी वकीलों से शांति बनाए रखने की अपील की।

सुनवाई के दौरान जस्टिस बागची ने कहा कि अगर याचिकाकर्ताओं के पास कोई नया सबूत या कागज है, तो उसे कानूनी तरीके से जमा करें। अदालत ने प्रदर्शनकारियों को नसीहत देते हुए कहा कि अगर वे जनता की भलाई चाहते हैं, तो उन्हें शांति से अपनी बात रखनी चाहिए और किसी भी तरह के उकसावे से बचना चाहिए।

सीजेपी के सह-संयोजक अभिषेक राठी ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस करके चुनाव आयोग और सरकार पर निशाना साधा। राठी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग पूरी तरह से समझौता कर चुका है। उन्होंने पुलिस के रवैये को अमानवीय बताया और कहा कि अभिजीत दीपके की दादी के निधन की खबर पुलिस कैमरा लेकर देने पहुंची थी।

अदालत में वकीलों ने दिल्ली में इंटरनेट बंद होने का मुद्दा मजबूती से उठाया। वरिष्ठ वकील देवदत्त कामत ने कहा कि इंटरनेट बंद होने से कोर्ट का काम प्रभावित हो रहा है। इसके साथ ही वकील हरिहरन ने आरोप लगाया कि पुलिस की सख्ती के कारण वकील दिल्ली में आजादी से अपना काम नहीं कर पा रहे हैं।

Right News Desk
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लॉ और पत्रकारिता स्नातक, पत्रकारिता में 11 वर्ष का अनुभव

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