Bilaspur News: एम्स बिलासपुर के पहले दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 92 मेधावी छात्र-छात्राओं को डिग्रियां प्रदान करेंगी। यह ऐतिहासिक कार्यक्रम छह अक्टूबर को संस्थान में आयोजित होगा। इस खास मौके पर राष्ट्रपति के हाथों उपाधि पाने वाले स्टूडेंट्स में एमबीबीएस, एमडी और नर्सिंग बैच के प्रशिक्षु शामिल हैं।
एमबीबीएस और नर्सिंग के छात्रों को मिलेंगी उपाधियां
संस्थान में एमबीबीएस का पहला बैच साल 2020 में शुरू हुआ था। अब इस बैच के 43 मेडिकल स्टूडेंट्स पास आउट हो रहे हैं। इनके साथ ही 2023 बैच के 14 एमडी एमएस डॉक्टर्स, 2022 बैच के 26 नर्सिंग स्टूडेंट्स और नौ पैरामेडिकल प्रशिक्षु भी समारोह में राष्ट्रपति से अपनी डिग्रियां लेंगे।
नैना देवी के दर्शन करेंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
एम्स के दीक्षांत समारोह में शिरकत करने से पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मां नयना देवी के दर्शन करेंगी। कार्यक्रम को लेकर एम्स प्रबंधन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। समारोह में राष्ट्रपति के अलावा राज्य और केंद्र सरकार के कई बड़े वीआईपी व अन्य विशिष्ट अतिथि भी मौजूद रहेंगे।
पासआउट छात्र स्वास्थ्य सेवाओं के लिए पूरी तरह तैयार
एम्स के कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट दलजीत सिंह ने बताया कि पहले दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति का आगमन गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि कोर्स पूरा करने वाले डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ अब स्वास्थ्य क्षेत्र में सेवा देंगे। प्रशासन सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर पूरी तरह से मुस्तैद है।
स्मृति चिन्ह के रूप में भेंट होगा रणसिंगा
एम्स दौरे के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पारंपरिक मंडी शैली में बना रणसिंगा स्मृति चिन्ह के रूप में भेंट किया जाएगा। इस खास पारंपरिक वाद्ययंत्र को खास शैली में तैयार कराया जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर कार्यक्रम की हर छोटी-बड़ी व्यवस्था की गहन निगरानी की जा रही है।