Shimla News: हिमाचल प्रदेश बागवानी विभाग में विश्व बैंक प्रोजेक्ट कर्मचारियों के नियमितीकरण मामले में राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट द्वारा बागवानी सचिव सी पाल रासु का वेतन कुर्क करने और अवमानना नोटिस जारी करने के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है।
सर्वोच्च अदालत ने प्रतिवादियों को भेजा नोटिस
जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस मनमोहन की पीठ ने राज्य सरकार की विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई करते हुए यह अंतरिम राहत दी। अदालत ने मामले के प्रतिवादी नितिन ठाकुर और अन्य पक्षों को औपचारिक नोटिस जारी किया है। सभी पक्षों को अपना विस्तृत जवाब दाखिल करने का समय दिया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 6 अक्टूबर को निर्धारित की है। सुनवाई के दौरान प्रदेश सरकार की ओर से महाधिवक्ता अनूप रतन और अन्य वरिष्ठ वकीलों ने मजबूती से पक्ष रखा। वहीं दूसरी तरफ कर्मचारियों और प्रतिवादियों की ओर से इस मामले में पहले ही कैविएट दाखिल की जा चुकी थी।
हाईकोर्ट ने दिया था वेतन कुर्की का आदेश
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने विश्व बैंक वित्तपोषित परियोजना के अनुबंध कर्मचारियों के नियमितीकरण आदेशों की लगातार अवहेलना पर कड़ा रुख अपनाया था। मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने 7 अगस्त और 11 सितंबर को बागवानी सचिव के खिलाफ प्रथमदृष्टया अवमानना मानते हुए वेतन कुर्क करने के सख्त निर्देश जारी किए थे।
हाईकोर्ट के इन कड़े निर्देशों के खिलाफ हिमाचल सरकार ने तुरंत सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। शीर्ष अदालत द्वारा हाईकोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाने से अब प्रदेश सरकार और बागवानी सचिव को तात्कालिक तौर पर बहुत बड़ी कानूनी राहत मिल गई है। अगली सुनवाई पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।